Starlink Down: एलन मस्क की 140 देशों में इंटरनेट बंद! जानिए कैसे फेल हुआ एलन मस्क का सिस्टम

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By Sharma Published On: July 25, 2025
Starlink Down: एलन मस्क की 140 देशों में इंटरनेट बंद! जानिए कैसे फेल हुआ एलन मस्क का सिस्टम

Starlink Down: एलन मस्क की प्रसिद्ध सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा स्टारलिंक आज अचानक ठप हो गई। यह सेवा एक साथ 140 से अधिक देशों में बंद हो गई जिससे लाखों यूजर्स को परेशानी हुई। आमतौर पर सैटेलाइट इंटरनेट सेवा में इस तरह की समस्या नहीं आती क्योंकि इसकी कनेक्टिविटी स्थिर और मजबूत मानी जाती है। लेकिन इस बार एक दुर्लभ तकनीकी गड़बड़ी ने पूरी सिस्टम को हिला कर रख दिया।

सॉफ्टवेयर में आई खामी बनी वजह

रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस बार की इंटरनेट सेवा ठप होने की वजह सॉफ्टवेयर में आई गंभीर खामी है। इस खामी के कारण हजारों यूजर्स के राउटर अचानक ऑफलाइन हो गए और उनकी कनेक्टिविटी टूट गई। आमतौर पर स्टारलिंक जैसी मजबूत प्रणाली में ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है। लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया कि तकनीक कितनी भी उन्नत हो कुछ भी अप्रत्याशित हो सकता है।

अमेरिका और यूरोप में सबसे ज्यादा असर

भारतीय समय अनुसार रात 12:30 बजे के करीब अमेरिका और यूरोप के हजारों यूजर्स ने सबसे पहले इंटरनेट बंद होने की शिकायत की। ‘डाउनडिटेक्टर’ नाम की वेबसाइट के अनुसार 61 हजार से ज्यादा यूजर्स ने इस आउटेज की रिपोर्ट की। कंपनी ने तुरंत अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जानकारी दी और यूजर्स से माफी भी मांगी। कंपनी ने यह भी बताया कि वह इस खामी को सुधारने में लगी है।

ढाई घंटे बाद सेवा फिर से हुई शुरू

लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार सेवा फिर से चालू कर दी गई। स्टारलिंक के दुनिया भर में 60 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं जो इस सेवा पर निर्भर करते हैं। इसलिए इतने बड़े स्तर पर सेवा का बंद होना एक गंभीर मामला था। हालांकि कंपनी की तेजी से की गई सुधार कार्रवाई के चलते यूजर्स को राहत मिली।

भारत में जल्द शुरू होगी सेवा

स्टारलिंक की सेवा फिलहाल भारत में शुरू नहीं हुई है लेकिन एलन मस्क की कंपनी को भारत सरकार से अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। अब केवल स्पेक्ट्रम के आवंटन का इंतजार है जिसके बाद भारत में भी यह हाई स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू हो जाएगी। इस घटना से यह जरूर सीखा जा सकता है कि भारत में सेवा शुरू करने से पहले सॉफ़्टवेयर और नेटवर्क की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।