एमपी में चिटफंड कंपनियों से निवेशकों को लौटाई गई 800 करोड़ की राशि : CM शिवराज

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By Sharma Published On: February 10, 2021
cm shivraj singh

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि प्रदेश में माफिया के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है. चिटफंड कंपनियों की संपत्ति कुर्क कर प्रभावितों को पैसे वापस कराए जा रहे हैं.

इसके साथ ही गुम बच्चों को खोजने के लिए प्रदेश के बाहर भी टीमें भेजकर बच्चों की रिकवरी कराई गई है. मुख्यमंत्री चौहान मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले, मंत्री गण को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में 1271 भू-माफियाओं से 2000 हेक्टर भूमि मुक्त कराई गई, जिसकी लागत 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक है.

मुख्यमंत्री चौहान ने जानकारी दी कि, “चिटफंड कंपनियों से 50 हजार लोगों की 800 करोड़ की राशि वापस कराई गई है. वहीं मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत मिलावटी सामान बनाने वाले छह कारखानों को ध्वस्त किया जा चुका है. इसी प्रकार राशन की कालाबाजारी में लिप्त अधिकारी की संपत्ति जप्त कर जनता में राशन वितरित किया गया. इंदौर में हुई इस कार्यवाही का प्रभावी असर हुआ है. राशन की कालाबाजारी में लिप्त 331 लोगों पर कार्यवाही हुई है.”

मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्री को जानकारी दी कि गुम बच्चों को खोजने के लिए प्रदेश में ऑपरेशन मुस्कान संचालित है, इसके तहत अभी तक 9500 बच्चों को रिकवर किया गया है, जिसमें 80 बालिकाएं हैं.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि केंद्रीय बजट में विद्यमान व्यवस्था के अनुरूप राज्य हित में और विकास पर केंद्रित योजनाएं विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर बनायें और केंद्रीय शासन से अधिकतम आवंटन प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करें. मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्री से अपने विभागों में निरंतर सक्रिय रहते हुए नवाचार करने संबंधी बात भी कही.

बता दें कि सीएम शिवराज ने पिछले दिनों गृह विभाग को निर्देश दिए थे कि प्रदेश में किसी भी प्रकार के माफिया तथा जनता के साथ धोखाधड़ी करने वाली चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. किसी को भी बख्शा न जाएं. ताकि बदमाशों के मन में खौफ होना और अपराधी तत्वों के विरूद्ध निरंतर कार्रवाई हो.

कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं. ग्वालियर की कार्रवाई पर तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने तंज कसा है और ग्वालियर कलेक्टर की इस कार्रवाई को काबिल-ए-भारत रत्न करार दिया है.