कांग्रेस नेता रामनिवास रावत को सिंधिया से पंगा लेना पड़ा भारी, सरकार ने की ढाई सौ बीघा ज़मीन सरकारी घोषित, कई बड़े कांग्रेसी निशाने पर 

श्योपुर :- मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत को एक के बाद एक झटके प्रशासन की ओर से लग रहे हैं। उनके शिवपुरी राेड स्थित निर्माणाधीन पेट्राेल पंप पर रोक लगाने के बाद अब उनके विजयपुर के सुनवई रोड स्थित कॉलेज की जमीन को कलेक्टर ने सोमवार को सरकारी घोषित कर दिया है। कांग्रेस ने प्रशासन की इस कार्रवाई को भाजपा की साजिश करार दिया है।   
 
कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व विजयपुर के पूर्व विधायक रामनिवास रावत को प्रशासन की लगातार दूसरी कार्रवाई झेलना पड़ी है। इस बार प्रशासन ने विजयपुर में उनके कॉलेज की भूमि को सरकारी घोषित कर दिया है। कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि मोहनपुरा हल्के में सर्वे 17/2, 17/6, 17/7, 17/10 में लगभग डेढ़ हेक्टेयर जमीन है, जो भू-दान की है। इसे उन्होंने गलत तरीके से अपने नाम कराकर यहां कॉलेज बना लिया है। इस भूमि को विक्रय से वर्जित माना गया है इसलिए इस डेढ़ हेक्टेयर के करीब भूमि को सरकारी घोषित किया जाता है। 
 
रावत के खिलाफ यह दूसरी कार्रवाई प्रशासन की ओर से की गई है। इसके पहले उन्हें पेट्रोल पंप निर्माण पर भी एनओसी खारिज करते हुए रोक लगाई जा चुकी है। इस संबंध में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रावत से उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन लगाया और पूरे मामले का ब्यौरा लिखकर मैसेज भी किया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। 
 
बतादे की मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास रावत एक समय ज्योतिरादित्य सिंधिया खासमखास माने जाते थे लेकिन सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल होने पर उन्होंने इनकार कर दिया था। जिसके बाद उनपर इस तरह की कार्रवाई बदले की भावना से देखी जा रही है। वही सूत्रों के अनुसार बताया यह भी जा रहा है की ऐसे कांग्रेसी निशाने पर हैं जिन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का साथ नहीं दिया हैं।
 
 
 
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