मध्य प्रदेश के खरगोन पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करने के नाम पर 6 करोड़ का घोटाला

खरगोन : खरगोन में पुलिस ने पोस्ट ऑफिस में करोड़ों का घोटाला करने वाले दो आरोपियों को पकड़ा है। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं की फर्जी पासबुक बनाकर आरोपी लोगों से पैसे ऐंठते थे। दोनों ने करीब छह करोड़ रुपये का घोटाला किया है। पुलिस ने पोस्ट ऑफिस के दोनों आरोपी एजेंटों से बोलेरो, ट्रैक्टर और कई डाक घर की पासबुक की जप्त की है। एजेंटों ने पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों से मिलीभगत कर करीब 150 से अधिक लोगों से धोखा किया है।

खरगोन एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने शुक्रवार को पोस्ट ऑफिस में एजेंटों के किए गए करोड़ों के घोटाले का खुलासा किया है। एसपी ने बताया कि 27 मई 21 को कोतवाली थाना को सूचना प्राप्त हुई थी कि उर्मिला बाई का पति जगदीश बिना बताए कहीं चला गया है। वह खरगोन के गांधी नगर में रहता था।

कोतवाली थाना ने मामले में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पता चला कि गुमशुदा जगदीश पोस्ट ऑफिस में एजेंट मोहन चांदोरे की देखरेख में काम करता था। उसने पोस्ट ऑफिस के जमाकर्ताओ के साथ करोडों रुपये की धोखाधड़ी की है।

वहीं, जिन लोगों के साथ जगदीश ने ऐसा व्यवहार किया था, वह खुद को ठगा महसूस कर रहे थे। उनलोगों ने भी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। खरगोन पुलिस ने आरोपी जगदीश को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई लोगों से ठगी की बात को स्वीकार किया है। इस दौरान उसने अपने सहयोगी साथी दीपेश का नाम लिया। दीपेश उसे नगर पालिका टाउन हॉल उप डाकघर से पासबुक उपलब्ध करवाता था।

दोनों आरोपी इन्हीं पासबुक के जरिए लोगों से ठगी करते थे। विभिन्न योजनाओं के नाम पर ये लोग पीड़ितों से पैसा जमा करवाते थे और खुद ही चपत कर जाते थे। पुलिस ने दीपेश भटोरे को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ करने पर पोस्ट ऑफिस में वर्ष 2015 से विभिन्न योजनाओं में धोखाधड़ी करना बताया है। दीपेश और जगदीश ने अब तक पांच करोड़ से अधिक की ठगी की है।

दोनों समानांतर चला रहे थे पोस्ट ऑफिस
ये लोग लोगों से पोस्ट ऑफिस में एफडी, एमआईएस, एनएससी, केव्हीपी, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सावधि जमा और आरडी के नाम पर जगदीश काग और दीपेश भटोरे पैसे लेते थे। इसे पोस्ट ऑफिस में जमा न कर, फर्जी पोस्ट ऑफिस में जमा कर उन्हें पासबुक दे देते थे।

लोगों की राशि से खरीदे मकान और वाहन
आरोपियों ने इन पैसों का इस्तेमाल कर्चा चुकाने, मकान बनाने और वाहन खरीदने में किया है। अभी तक आरोपी जगदीश काग के पास से पुलिस ने एक बोलेरो और ट्रैक्टर जप्त किया है। साथ ही फर्जी हस्तारित पासबुक जप्त किए हैं। वहीं, पुलिस डाकघर के अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

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