रीवा। एपीएस विश्वविद्यालय में मंगलवार को कर्मचारियों का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आ गया। जब उन्होने जूते-चप्पलों की माला डिप्टी रजिस्टार लाल साहब सिंह को पहनाने की कोशिश करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिए। हालांकि डिप्टी रजिस्ट्रार इस दौरान अपना बचाव करते हुए आगे बढ़ गए। कर्मचारियों द्वारा जूते-चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश करते हुए का एक वीडियों इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें देखा गया है कि कर्मचारी पहले से ही माला तैयार करके अपने अधिकारी का इंतजार कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि 30 नवंबर को डिप्टी रजिस्ट्रार लाल साहब सिंह अपनी नौकरी सेवाकाल पूरा किए है और उनके सेवानिवृत्त होने पर विश्वविद्यायल के कर्मचारी फूलो की माला की बजाए विरोध स्वरूप यह कदम उठाए है। कर्मचारी नेता बुद्धसेन पटेल के नेतृत्व में पहनाई गई माला को लेकर उनका कहना था कि नौकरी सेवाकाल के समय डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यो से कर्मचारी काफी नाराज थें। यही वजह है कि वे मंगलवार विश्वविद्यायल प्रशासन के द्वारा आयोजित विदाई कार्यक्रम के दौरान कक्ष के बाहर विरोध स्वरूप यह माला पहनाने की कोशिश की है। बुद्धसेन पटेल का कहना है कि पद में रहते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार ने हमेशा कर्मचारियों की गलत जानकारी अधिकारियों को देने के साथ ही कर्मचारी विरोधी कार्य करते रहे है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उन्होने इस लिए यह कदम उठाया है, ताकि अन्य अधिकारियों को भविष्य के लिए सीख मिल सकें और कर्मचारी हितों को वे ध्यान रख सकें। कर्मचारियों के इस कदम से एपीएस विश्वद्यिायल में न सिर्फ खलबली मच गई बल्कि इसे लेकर चर्चा हो रही है। वही इस मामले को लेकर विश्वविद्यायल के कुलपति और कुलसचिव बचते नजर आ रहे हे। कुलसचिव सुरेन्द्र सिह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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