मानसून सत्र के दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं

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By Sharma Published On: September 3, 2020
monsoon session

नई दिल्ली। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, कोरोना माहामारी के बीच 14 सितंबर से आयोजित होने वाल संसद के मानसून सत्र के दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं होगा। हालांकि, शून्य काल और अन्य कार्यवाही अनुसूची के अनुसार आयोजित की जाएगी। आपको बता दें कि संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर 1 अ€टूबर को समाप्त होने वाला है। सत्र में भाग लेने वाले सांसदों के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों को कोरोना वायरस के आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिसमें 72 घंटों के भीतर कोविड-19 का परीक्षण करना शामिल है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि संसद का मानसून सत्र दैनिक आधार पर आयोजित किया जाना है, यहां तक की सप्ताह के अंत पर भी कोई ब्रेक नहीं है।

दोनों सदनों की कार्यवाही दैनिक आधार पर आयोजित की जाएगी। एक दिन 14 सितंबर को लोकसभा सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 से 7 बजे तक आयोजित की जाएगी। 14 सितंबर के बाद, राज्यसभा सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बैठेगी और लोकसभा की प्रक्रिया दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक निर्धारित है। संसद के दोनों सदनों में प्रतिदिन चार घंटे बैठना है और महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा हर एहतियाती कदम उठाया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति ने पहले ही अधिकारियों के साथ बैठक की और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी में निर्देश दिए कि इस मानसून सत्र में कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन कैसे किया जाना चाहिए।