रिश्ते हुए शर्मसार, मामा ने की भांजी के साथ दुष्कर्म की कोशिश

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By Sharma Published On: February 6, 2023

ग्वालियर। ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में झूला सेक्टर के पीछे खंडहर दुकानों में रविवार रात एक मुंह बोले मामा ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची की चीख सुनकर गस्त कर रहे पुलिस के 2 जवान शैलेंद्र धाकरे और रामबरन राजावत जब वहां पहुंचे, तभी युवक ने भागने की कोशिश की। जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का प्रयास एवं पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। सीएसपी ने बताया कि गंभीर घटना को बचाकर आरोपी को पकड़ने वाले दोनों आरक्षक को इनाम दिया जाएगा।

 

पुलिस ने बताया कि रविवार की रात 9 बजे मेले के झूला सेक्टर के पीछे बनी दुकानों के पास एक युवक को 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करते हुए पकड़ा गया। आरोपी जिस बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था, वह उसकी मुंहबोली बहन की बच्ची है। आरोपी राजेंद्र जाट निवासी अकबई पिछोर हाल त्यागी नगर मुरार के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

 

आरोपी 13 साल की बच्ची और उसकी दो छोटी बहनों को मेला घुमाने के बहाने लेकर आया था। आरोपी पूर्व में भी एक बार बच्चों को मेला घुमा कर ले गया था। आरोपी के पकड़े जाने के बाद थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बच्ची की मां को थाने बुलाकर जानकारी दी। बच्ची की मां ने बताया कि वह पति से अलग बच्चों के साथ रहती है और फैक्ट्री में काम करती है। वहीं पर राजेंद्र से मुलाकात हुई थी। राजेंद्र ने उसे मुंहबोली बहन बनाया था। गोला का मंदिर थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी 13 साल की बच्ची की दो छोटी बहनों को मेले के झूला सेक्टर के पास ही एक चाट की दुकान पर खाने का सामान दिलाकर बैठा गया था। बाद में पुलिस ने बच्चियों को उनकी मां के सुपुर्द कर दिया।

 

इस मामले में हीरो रहे दोनों पुलिस जवान शैलेन्द्र और रामबरन का कहना है कि जब उन्होंने बच्ची की चीख सुनी तो उनका ध्यान झूला सेक्टर के पीछे खाली पड़ी खंडहर दुकानों की तरफ गया। मेला में इतना शोर होता है, उसके बाद भी किस्मत से उस बच्ची की आवाज हमारे कानों तक पहुंच गई। फिर वहां पहुंचे तो एक युवक लड़की से गलत हरकत करने का प्रयास कर रहा था। बच्ची को बचाया है। बच्ची ने बताया कि यह उसका मुंहबोला मामा है। इसके बाद अफसरों को सूचना देकर आरोपी को थाने पहुंचाया। यह हमारा फर्ज था। हम जरा भी देर करते, तो नाबालिग के साथ गलत हो सकता था।