लोकायुक्त पुलिस ने राज्य बीमा निगम के क्लर्क को 5 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा 

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By Sharma Published On: February 24, 2023

ग्वालियर। ग्वालियर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्लर्क को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। क्लर्क ने बिजली कंपनी में संविदा पर पदस्थ एक महिला कर्मचारी से उसके मातृत्व अवकाश के समय की सैलरी रिलीज करने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। महिला भ्रष्ट क्लर्क की हरकतों से परेशान हो गई थी। जिसके बाद उसने लोकायुक्त पुलिस की मदद ली। शुक्रवार को लोकायुक्त ने सीनियर क्लर्क को उसके फालका बाजार स्थित दफ्तर में घेराबंदी कर ट्रैप किया है। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

 

 

शहर के शिंदे की छावनी नौगजा रोड निवासी 29 वर्षीय सपना पाल ने लोकायुक्त एसपी ग्वालियर के ऑफिस पहुंचकर शिकायत की थी कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम ऑफिस में पदस्थ सीनियर क्लर्क उनसे लगातार रिश्वत मांग रहा है। सपना पाल ने बताया वो चार साल से बिजली कम्पनी में संविदा कर्मचारी है। उनका मातृत्व अवकाश के दौरान का रुका हुआ वेतन लगभग 50 हजार रुपए हुआ था जिसका भुगतान कर्मचारी राज्य बीमा निगम से होना था। सीनियर क्लर्क शुभम गुप्ता के पास फाइल पहुंची तो वह उसे आगे बढ़ाने के बदले उसे रोककर बैठे हुए थे। सपना ने बार-बार उनका मातृत्व अवकाश का भुगतान देने की मांग की, लेकिन भुगतान करने के बदले कार्यालय में पदस्थ उच्च श्रेणी लिपिक शुभम गुप्ता उनसे 5 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।

 

 

 

यही की जाँच के बाद लोकायुक्त ने रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि के बाद ट्रेप की प्लानिंग की। शुक्रवार सुबह महिला 5 हजार रुपये लेकर क्लर्क के पास पहुंचाया गया। महिला के हाथ से पांच हजार रुपए लेकर सीनियर क्लर्क ने जैसे ही रिश्वत के पांच हजार रुपए अपने हाथ में लिए लाेकायुक्त पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसके हाथ पर कैमिकल लगाते हुए उसके हाथ गुलाबी रंग से गुलाबी हो गए। यहां फरियादी सपना ने बताया कि उसे पता था कि लोकायुक्त जैसी संस्था ही ऐसे भ्रष्ट क्लर्क को सबक सिखा सकती थी।

 

 

 

लोकायुक्त के डीएसपी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि 20 फरवरी को लोकायुक्त कार्यालय आकर एक फरियादी महिला जो बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी ने शिकायत कर बताया था कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम के उच्च श्रेणी क्लर्क महिला के बीमा योजना के 50 हजार रुपये निकलवाने के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। महिला की शिकायत पर हमने क्लर्क की कॉल ट्रैप करवाई थी और कॉल ट्रैप होते ही क्लर्क को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।