एमपी में तेज बारिश का दौर: इंदौर-उज्जैन संभाग भीगे, अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की विदाई संभव

मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अगले दो दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार, सायसर और मानसून ट्रफ की सक्रियता के चलते यह बारिश हो रही है। इसके बाद मौसम खुलने की उम्मीद है और अक्टूबर के पहले सप्ताह में मानसून की विदाई संभव है।

अब तक प्रदेश में औसतन 42.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जिसमें मंडला जिले ने सबसे ज्यादा 59.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड बनाया है। गुरुवार को प्रदेश के 19 जिलों में बारिश हुई, जिसमें खंडवा में सबसे अधिक 45 मिमी यानी पौने 2 इंच पानी गिरा।

खंडवा में सबसे ज्यादा बारिश, अन्य जिलों में भी भीगने का दौर

प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल, बैतूल, सिवनी, धार, और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। इंदौर में पौन इंच और खंडवा में पौने दो इंच बारिश दर्ज की गई।

धार, उज्जैन, और खजुराहो जैसे जिलों में आधा इंच के करीब बारिश हुई। रात में भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा, जिससे तालाब और डैमों में पानी भर गया है। प्रदेश के 250 में से 200 डैम अब तक पूरी तरह से भर चुके हैं।

मौसम का अनुमान: अगले 24 घंटे में अलर्ट

मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, धार, बड़वानी, गुना और शिवपुरी जिलों में अगले 24 घंटों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके विपरीत मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर जिलों में धूप खिली रहेगी।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी, जबकि भोपाल के कुछ इलाकों में दोपहर बाद तेज बारिश की संभावना है।

राजगढ़ में बिजली गिरने से 3 की मौत

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गुरुवार को बिजली गिरने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और बेटा शामिल थे, जबकि बेटी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मंडला और सिवनी में सबसे अधिक बारिश

इस मानसून सीजन में जबलपुर संभाग सबसे ज्यादा बारिश प्राप्त करने वाला क्षेत्र रहा है। मंडला में 59.5 इंच और सिवनी में 56 इंच बारिश दर्ज की गई है। अन्य जिलों जैसे भोपाल, निवाड़ी, सीधी, और सागर में भी 50 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। श्योपुर जिले में सामान्य से दोगुनी बारिश हुई है।

डैम और तालाबों में पानी का स्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई बांधों और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया है। बरगी, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, तवा, और भदभदा जैसे प्रमुख डैमों के गेट इस सीजन में कई बार खोले जा चुके हैं, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी रहती है।

अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की विदाई संभव

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों के बाद बारिश का सिस्टम कमजोर हो जाएगा और अक्टूबर के पहले सप्ताह में मानसून की विदाई हो सकती है।

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