दतिया। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का जन्मदिन 15 अप्रैल को मनाया जाएगा। शहर भर में उनके समर्थन में पोस्टर्स और फ्लैक्स लगे हुए हैं, जिनमें गृह, जेल, संसदीय कार्य और विधि विभाग, मध्य प्रदेश शासन का उल्लेख किया गया है। ये पोस्टर्स तहसील गेट के ठीक सामने लगाए गए हैं, जहां नरोत्तम मिश्रा के कद और राजनीतिक प्रभाव की चर्चा जारी है।
कभी मुख्यमंत्रियों को शह और मात देने वाले नरोत्तम ने डॉ मोहन यादव के सामने आज सरेंडर कर दिया। इस संदर्भ में नरोत्तम मिश्रा का एक बयान विशेष रूप से सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के लिए कहा कि “मेरे लिए आप खुदा से कम नहीं हो मुख्यमंत्री जी… मेरा पद चला गया, लेकिन क़द आपने बचा लिया।”
नरोत्तम मिश्रा का यह बयान दर्शाता है कि उनका राजनीतिक जीवन में पद अधिक महत्वपूर्ण है। वे इस बक्त खुद को मुख्यमंत्री के लिए न केवल एक समर्पित सिपाही मानते हैं, बल्कि अपनी हार के बावजूद मुख्यमंत्री के साथ अपनी नजदीकी और आदर्श संबंधों को बनाए बनाने कि कोशिश में जूटे हैं।
तहसील गेट पर लगा फ्लैक्स जहां नरोत्तम मिश्रा के पदों का उल्लेख कर रहा है, वहीं यह भी संकेत देने कि कोशिश कर रहे है कि नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव अब भी प्रदेशभर में कायम है। यही कारण है कि नरोत्तम मिश्रा ने हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दतिया दौरे के दौरान उन्हें लेकर एक भावुक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि “मेरे लिए आप खुदा से कम नहीं हो मुख्यमंत्री जी” नरोत्तम ने यह भी कहा कि भले ही उनका पद चला गया हो, लेकिन मोहन यादव जी ने उनका क़द बनाए रखा है।
अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नरोत्तम मिश्रा का यह बयान किसी संकेत से कम नहीं है, लोग इस बयान के मायने इस बात से भी निकाल रहे हैं कि भले ही उनका पद चला गया हो, लेकिन उनके पास मंत्री वाला बंगला, हूटर वाली गाड़ी और गृह मंत्रालय वाली सुरक्षा अभी भी है। इसलिए आज अपने दिल की गुहार नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री से कर दी… इस प्रकार, उनके शब्दों में एक भावनात्मक तंज छिपा हुआ है, जिसमें वे यह चाहते हैं कि उनकी छवि और प्रभाव किसी भी हाल में घटित न हो की ये पद छीनना मतलब मेरा पद चला गया पर तंज बने रहने देना।
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