जौनपुर की खुशबूदार विरासत: 200 साल से ज़कारिया परिवार संभाल रहा इत्र का कारोबार

Author Picture
By Partho Banarjee Published On: August 11, 2026

जौनपुर को केवल उसकी ऐतिहासिक इमारतों और संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि उसकी अनूठी खुशबूदार विरासत के लिए भी जाना जाता है। यहां एक ऐसा परिवार है जो पिछले लगभग 200 सालों से पारंपरिक इत्र बनाने की कला को जीवित रखे हुए है। वर्ष 1805 में शुरू हुआ यह इत्र का कारोबार अब अपनी सातवीं पीढ़ी तक पहुँच चुका है, जो इसकी दीर्घकालिक परंपरा को दर्शाता है।

सदियों पुरानी इत्र निर्माण कला

ज़कारिया परिवार आज भी इत्र बनाने के लिए सदियों पुरानी और पारंपरिक तकनीकों का ही उपयोग करता है। उनके द्वारा तैयार किए गए इत्रों की विविधता 200 से 250 से अधिक प्रकार की है, जिनकी शुद्धता और प्राकृतिक सुगंध उन्हें खास बनाती है। यह परिवार अपनी पारंपरिक विधि से ही विभिन्न प्रकार के फूलों और प्राकृतिक तत्वों से इत्र बनाता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

इस परिवार द्वारा बनाए गए इत्र की खुशबू अब केवल जौनपुर या भारत के अन्य शहरों तक ही सीमित नहीं है। इसकी मांग देश-विदेश में है, और यह सऊदी अरब जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुँच चुकी है। यह जौनपुर की इस खुशबूदार विरासत की वैश्विक अपील और गुणवत्ता का प्रमाण है।