जिन्ना का धोखा: बलूचिस्तान की आजादी सिर्फ 229 दिन क्यों टिकी?

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By Partho Banarjee Published On: August 11, 2026

11 अगस्त 1947 को बलूचिस्तान की कलात रियासत को एक स्वतंत्र मुल्क घोषित किया गया था, जिसे मोहम्मद अली जिन्ना ने भी अपनी सहमति दी थी। लेकिन यह स्वतंत्रता सिर्फ 229 दिनों तक ही टिक पाई। इन कुछ महीनों के भीतर, जिन्ना ने अपना वादा तोड़ दिया और बलूचिस्तान को सैन्य बल के दम पर पाकिस्तान में मिला लिया।

जिन्ना का बदलता रुख

कलात के खान, जो जिन्ना के मुवक्किल भी थे, के साथ जिन्ना ने विश्वासघात किया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक सहमति के बावजूद, सेना का उपयोग करके बलूचिस्तान पर नियंत्रण कर लिया, जिससे इस क्षेत्र की संप्रभुता समाप्त हो गई।

ऑल इंडिया रेडियो की ऐतिहासिक रिपोर्ट

इस पूरे घटनाक्रम में 27 मार्च 1948 को ऑल इंडिया रेडियो (AIR) द्वारा प्रसारित एक खबर ने निर्णायक मोड़ ला दिया। यह रिपोर्ट बलूचिस्तान के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई, हालांकि इसकी उत्पत्ति का स्रोत आज भी एक अनसुलझा रहस्य है।