गॉल टेस्ट में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन मैदान पर उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। स्पिन के लिए मददगार मानी जा रही पिच पर भी वह अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए।
मैदान पर संघर्ष और खराब इकॉनमी
कुलदीप ने मैच के दौरान 14 ओवर फेंके, जिसमें उन्होंने 65 रन लुटा दिए और केवल एक विकेट हासिल किया। 4.6 की इकॉनमी रेट के साथ उनकी गेंदबाजी में न तो सटीक टप्पा दिखा और न ही वह धार, जिसकी उनसे अपेक्षा की जा रही थी।
विशेषज्ञों की उम्मीदों को लगा झटका
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि कुलदीप इस टेस्ट में भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज साबित होंगे। हालांकि, मैदान पर उनके प्रदर्शन ने इन दावों को गलत साबित कर दिया है और उनके लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण दिख रही है।