छिंदवाड़ा जिले के चीटीपाठा गांव में सड़क के अभाव में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान 8 किलोमीटर तक डोली में उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण महिला ने अस्पताल में एक मृत बच्चे को जन्म दिया, और फिलहाल वह खुद गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती है।
सड़क के लिए एक दशक से संघर्ष
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्की सड़क न होने से एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है। सरपंच के अनुसार, वर्ष 2016 से सड़क निर्माण के लिए प्रशासन को कई बार प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल
इस दुखद घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और कनेक्टिविटी की बदहाली को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क न होने के कारण पहले भी कई मरीजों को समय पर इलाज न मिलने से जान गंवानी पड़ी है।