उज्जैन के पौराणिक मंगलनाथ मंदिर में भगवान को 20 किलोग्राम शुद्ध चांदी से निर्मित नई जलाधारी अर्पित की गई है। हैदराबाद के श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई इस भव्य जलाधारी के लगने से मंदिर के गर्भगृह का स्वरूप और अधिक दिव्य हो गया है।
पुरानी जलाधारी की समस्या का समाधान
मंदिर की पुरानी जलाधारी में समय के साथ कई छोटे-छोटे छेद हो गए थे, जिससे पूजा-अर्चना के दौरान पुजारियों और श्रद्धालुओं को असुविधा होती थी। नई जलाधारी लगने से यह समस्या पूरी तरह दूर हो गई है और अब भगवान मंगलनाथ का स्वरूप पहले से कहीं अधिक भव्य दिखाई दे रहा है।
विधि-विधान से हुई स्थापना
हैदराबाद के अमर ओहरी और सोनम ओहरी द्वारा दान की गई इस 50 लाख रुपये अनुमानित कीमत वाली जलाधारी की स्थापना पूरे धार्मिक अनुष्ठान और हवन के साथ की गई। इस विशेष कार्य के लिए गर्भगृह के कपाट करीब 7 घंटे तक बंद रखे गए थे, जिसके बाद भक्तों के दर्शन के लिए इसे खोल दिया गया।