ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच मैके में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच महज दो दिनों में समाप्त हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले में पारी और 51 रन से जीत दर्ज की, लेकिन इस छोटी अवधि के मैच ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। पूर्व कोच जस्टिन लैंगर ने इस परिणाम को खेल के भविष्य के लिए सही नहीं माना है।
मैच के आंकड़े और चिंता
इस टेस्ट मैच में कुल 750 गेंदें ही फेंकी गईं, जो इसे क्रिकेट इतिहास का चौथा सबसे छोटा टेस्ट बनाती हैं। लैंगर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट की असली पहचान पांच दिनों तक चलने वाले कड़े मुकाबले में है, न कि इतनी जल्दी खत्म हो जाने वाले मैचों में।
खेल के लिए खतरा
इतनी जल्दी मैच खत्म होना खेल की पिच और गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। दिग्गजों का मानना है कि अगर टेस्ट मैच इसी तरह दो दिनों में सिमटने लगे, तो यह खेल की लोकप्रियता और साख के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।