मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और सीबीआई जांच के कारण हजारों छात्र अधर में लटके हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है।
कॉलेजों की गलती का खामियाजा छात्रों को क्यों?
सिंघार का कहना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के करीब 130 कॉलेजों के हजारों विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और परीक्षा को लेकर अनिश्चितता में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कॉलेज प्रबंधन की अनियमितताओं की सजा निर्दोष छात्रों को क्यों दी जा रही है, जबकि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का असर
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल ‘ग्रीन चेक’ वाले कॉलेजों के छात्र ही परीक्षा दे सकेंगे, जबकि अन्य को दूसरे संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा। सिंघार ने सरकार से पूछा है कि वह इन छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है।