जबलपुर की नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में रक्षाबंधन का त्योहार भावनाओं के ज्वार के साथ मनाया गया। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद, 5,000 से अधिक परिजन अपने भाइयों से मिलने पहुंचे और सलाखों के पीछे ही सही, लेकिन रिश्तों की गर्माहट से जेल परिसर सराबोर हो गया।
अटूट रिश्तों की मिसाल
बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तो कई की आंखें नम हो गईं। जेल प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मिठाई, फल और रक्षासूत्र ले जाने की विशेष अनुमति दी, जिससे बंदियों को भी त्योहार का अहसास हो सका।
सुरक्षा और सुविधाओं का प्रबंध
प्रशासन ने बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ टेंट और चिकित्सा केंद्र की व्यवस्था की थी। भीड़ अधिक होने के बावजूद, सुरक्षा नियमों के दायरे में रहकर परिजनों को बंदियों से मिलने का अवसर दिया गया, जिससे यह दिन जेल की चारदीवारी में भी यादगार बन गया।