कांकेर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने वर्ष 2015 के बेसगांव मुठभेड़ मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस मामले में दोषी पाए गए कुख्यात नक्सली प्रभाकर और उसकी पत्नी राजे कांगे को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
अन्य नक्सलियों को भी मिली सजा
इस कानूनी कार्यवाही में प्रभाकर और उसकी पत्नी के अलावा तीन अन्य नक्सलियों को भी दोषी करार दिया गया है। अदालत ने इन तीनों सहयोगियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है, जिससे क्षेत्र में कानून का कड़ा संदेश गया है।
क्या था बेसगांव मुठभेड़ मामला
यह मामला साल 2015 में बेसगांव में हुई पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ से जुड़ा है। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर इन सभी नक्सलियों को सजा सुनाकर मामले का निपटारा किया है।