Operation Sindhu: और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध के माहौल में भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित देश लौटाना है। भारत सरकार के इस प्रयास में ईरान सरकार ने भी पूरा सहयोग दिया है। इस अभियान के तहत ईरान के मशहद और अश्गाबात से दो फ्लाइट्स भारत के लिए रवाना की गईं। फ्लाइट W571 मशहद से दिल्ली पहुंच चुकी है और दूसरी फ्लाइट अश्गाबात से रवाना होकर सुबह करीब 3 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
कश्मीरी छात्रों की घर वापसी पर परिवारों में खुशी की लहर
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि यह भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत 290 छात्रों की सुरक्षित घर वापसी हुई है जिनमें अधिकतर छात्र कश्मीर घाटी से हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार के विशेषकर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के आभारी हैं जिन्होंने समय रहते ऑपरेशन शुरू किया। हमें उम्मीद है कि बाकी बचे हुए सभी छात्रों को भी जल्द सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
#OperationSindhu continues.
A special evacuation flight from Ashgabat, Turkmenistan landed in New Delhi at 0300 hrs on 21st June, bringing Indians from Iran home.
With this, so far 517 Indian nationals from Iran have returned home under Operation Sindhu. pic.twitter.com/xYfpoxwJtw
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 21, 2025
वतन लौटते ही उठे भारत माता की जय के नारे
ईरान-इज़राइल युद्ध में फंसे भारतीय छात्र बुरी तरह डरे हुए थे। जब ये छात्र दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां का माहौल भावुक हो गया। छात्रों ने भारत माता की जय के नारे लगाए और बहुत से लोग अपने देश की धरती पर पहुंचते ही जमीन को चूमते नजर आए। यह नज़ारा देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। युद्ध जैसी खतरनाक स्थिति से निकलकर वतन लौटना इन युवाओं के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।
भारतीय दूतावास ने हर कदम पर की मदद
भारत की नागरिक एलिया बतूल जो इस ऑपरेशन के तहत ईरान से निकाली गईं उन्होंने कहा कि मैं अपने जज़्बात शब्दों में नहीं बता सकती। मेरा परिवार बहुत चिंतित था। हालांकि हमें ईरान में 5 स्टार होटल और सुरक्षा दी गई लेकिन असली सुकून तो अपने देश आने पर ही मिला। उन्होंने भारतीय दूतावास का खास तौर पर धन्यवाद किया जिन्होंने हर प्रक्रिया को आसान बनाया। वहीं छात्रा सहरिश रफीक ने कहा कि वह तेहरान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं और शुरुआत में हालात इतने खराब होंगे इसका अंदाज़ा नहीं था। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि भारतीय दूतावास उनके लिए इतनी मेहनत करेगा।
भारत की चौकस निगरानी और ईरान से 1000 लोगों की वापसी की तैयारी
भारत सरकार लगातार ईरान-इज़राइल युद्ध पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ईरान और इज़राइल में फंसे भारतीयों से हेल्पलाइन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से संपर्क में है। तेहरान पर इज़राइल के हमलों के बाद भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से मशहद पहुंचाया गया जहां से उन्हें भारत लाने की व्यवस्था की गई। ऑपरेशन सिंधु के तहत करीब 1000 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा रहा है जिनमें अधिकतर छात्र हैं। भारत सरकार के अनुरोध पर ईरान सरकार ने अपने एयरस्पेस में अस्थाई रूप से प्रतिबंध हटाया ताकि तीन चार्टर्ड फ्लाइट्स भारत के लिए उड़ान भर सकें। यह ऑपरेशन बुधवार 18 जून 2025 को शुरू किया गया था और अब इसके ज़रिए सैकड़ों भारतीय नागरिक अपने वतन लौट रहे हैं।


