By Election Result: पंजाब से गुजरात तक उपचुनाव में मचा घमासान, क्या AAP के बढ़ते कदम देंगे केजरीवाल को राज्यसभा का टिकट?

By Election Result: 19 जून को हुए उपचुनाव के नतीजे आज सामने आ रहे हैं। ये चुनाव गुजरात की दो विधानसभा सीटों—कडी और विसावदर—साथ ही पश्चिम बंगाल की कालिगंज, पंजाब की लुधियाना वेस्ट और केरल की नीलांबुर सीट पर हुए थे। हालांकि गुजरात के कुछ हिस्सों में समस्याएं आने के कारण 21 जून को पुनर्मतदान करवाया गया। ये उपचुनाव किसी भी राज्य की सत्ता में बदलाव नहीं लाएंगे लेकिन राजनीतिक समीकरणों और नेताओं की भविष्य की रणनीतियों पर इसका गहरा असर जरूर होगा।

लुधियाना वेस्ट में AAP की बढ़त और राज्यसभा की संभावनाएं

पंजाब की लुधियाना वेस्ट सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने बढ़त बना ली है। अगर यह सीट AAP के पास जाती है, तो पार्टी को राज्यसभा में एक और सीट मिल सकती है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर पार्टी जीती, तो अरविंद केजरीवाल खुद राज्यसभा जा सकते हैं। अरोड़ा एक सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति हैं और 2022 से राज्यसभा सांसद हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के अनुभवी नेता भरत भूषण आशु और भाजपा के जीवन गुप्ता से है।

By Election Result: पंजाब से गुजरात तक उपचुनाव में मचा घमासान, क्या AAP के बढ़ते कदम देंगे केजरीवाल को राज्यसभा का टिकट?

विसावदर और कडी में तिकोना मुकाबला

गुजरात की विसावदर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां से AAP के गोपाल इटालिया को बढ़त मिल रही है जबकि बीजेपी के किरीट पटेल दूसरे स्थान पर हैं। इस सीट पर बीजेपी के पूर्व विधायक भूपेंद्र भयानी के AAP छोड़ बीजेपी में शामिल होने के कारण उपचुनाव हुआ। वहीं कडी सीट, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, वहाँ बीजेपी, कांग्रेस और AAP के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। यह सीट भाजपा विधायक कर्सन सोलंकी के निधन के कारण खाली हुई थी।

कालिगंज में TMC की बढ़त, विपक्ष के लिए परीक्षा

पश्चिम बंगाल की कालिगंज सीट पर TMC की उम्मीदवार और पूर्व विधायक नसीरुद्दीन अहमद की बेटी अलिफा अहमद को बढ़त मिलती दिख रही है। ये उपचुनाव राज्य में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का पहला बड़ा चुनाव है और राजनीतिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। यहां बीजेपी और कांग्रेस-वाम गठबंधन दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर है। अलिफा एक शिक्षित और कॉर्पोरेट पृष्ठभूमि से आने वाली उम्मीदवार हैं जिन्होंने पहली बार राजनीति में कदम रखा है।

केरल की नीलांबुर सीट बनी प्रतिष्ठा का युद्ध

केरल की नीलांबुर सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला है। यहां कांग्रेस के आर्यादन शौकत को शुरुआती बढ़त मिली है। यह सीट पहले एक निर्दलीय विधायक पीवी अनवर के पास थी जो एलडीएफ का समर्थन करते थे लेकिन सीपीआई(एम) से मतभेद के बाद इस्तीफा दे दिया। अब कांग्रेस और सीपीआई(एम) के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है। बीजेपी ने भी यहां मोहन जॉर्ज को मैदान में उतारा है लेकिन मुकाबला मुख्यतः दो दलों के बीच ही देखा जा रहा है।

लेटेस्ट न्यूज़
- Advertisment -

धार्मिक

error: Content is protected !!