MPL 2025: महाआर्यमन सिंधिया बोले- MPL फाइनल सिर्फ मैच नहीं, मध्यप्रदेश क्रिकेट का स्वर्णिम युग तय करेगा।

MPL 2025: 12 जून से 24 जून 2025 तक श्रीमंत माधवराव सिंधिया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम शंकरपुर में मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल 2025) का आयोजन हुआ। यह टूर्नामेंट सिंधिया कप 2025 के नाम से जाना गया और पूरे प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं रहा। इस आयोजन का फाइनल मैच आज खेला जाना है और इसके लिए पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। टूर्नामेंट के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन सिंधिया ने आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

महाआर्यमन सिंधिया जो जीडीसीए ग्वालियर के उपाध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बताया कि इस बार जनता का जबरदस्त समर्थन देखने को मिला। उन्होंने कहा, “हमें बहुत सहयोग मिला है। लोग बड़ी संख्या में हर दिन मैच देखने आ रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि मध्य प्रदेश की जनता इस लीग से कितनी जुड़ी हुई है और उन्हें इस बात की खुशी है कि स्थानीय खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच मिल रहा है।”

 पुरुषों और महिलाओं की टीमों ने मिलकर रचा नया इतिहास

एमपीएल 2025 में कुल दस टीमें मैदान पर उतरीं जिनमें पुरुषों और महिलाओं की टीमें शामिल थीं। पुरुषों की टीमें थीं: ग्वालियर चीता, भोपाल लेपर्ड्स, जबलपुर रॉयल लॉयन्स, रीवा जैगुआर, इंदौर पिंक पैंथर्स, चंबल घड़ियाल और बुंदेलखंड बुल्स। वहीं महिला क्रिकेट को भी बढ़ावा देते हुए इस बार तीन महिला टीमें शामिल की गईं: चंबल घड़ियाल, भोपाल वोल्व्स और बुंदेलखंड बुल्स। यह एमपीएल का दूसरा सीजन था और इसने साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश अब सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि खिलाड़ी भी तैयार कर रहा है।

एंट्री फीस ने खड़ा किया सवाल लेकिन दर्शकों ने दिखाया जोश

इस बार के सीजन में सबसे बड़ा बदलाव था टिकट आधारित प्रवेश। पहले सीजन में प्रवेश बिल्कुल मुफ्त था लेकिन इस बार आयोजकों ने टिकट फीस रखी। शुरू में लोगों ने अंदेशा जताया था कि पैसे लगने पर दर्शकों की भीड़ कम हो जाएगी। लेकिन महाआर्यमन सिंधिया ने साफ किया कि भीड़ ने इन अफवाहों को झुठला दिया। हर दिन स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे जिससे यह साफ हो गया कि जब आयोजन गुणवत्ता से भरा हो तो लोग पैसे देकर भी देखने को तैयार होते हैं।

सिंधिया कप 2025 की सफलता ने यह जता दिया है कि ग्वालियर जैसे शहरों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल आयोजन किया जा सकता है। खिलाड़ियों को न सिर्फ एक प्रोफेशनल मंच मिला बल्कि दर्शकों को भी उच्च स्तरीय मनोरंजन। यदि यही जोश और आयोजन क्षमता बनी रही तो ग्वालियर आने वाले समय में मध्य भारत का क्रिकेट हब बन सकता है। महाआर्यमन सिंधिया की टीम ने जिस तरह से आयोजन को संभाला वह कई अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकता है।

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