Raja Raghuvanshi Case: सोनम पर नहीं होगा नार्को टेस्ट, मेघालय पुलिस ने दी हैरान कर देने वाली कानूनी वजह

Raja Raghuvanshi Case: प्रदेश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड को अब एक महीना हो चुका है लेकिन हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मुख्य आरोपी सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा का नार्को टेस्ट करवाने की मांग की थी। लेकिन अब साफ हो गया है कि सोनम का नार्को टेस्ट नहीं किया जाएगा। पुलिस के पास इस फैसले के पीछे एक खास वजह है, जो उन्होंने आधिकारिक रूप से बताई है।

नार्को टेस्ट क्यों नहीं होगा? SIT का जवाब

राजा रघुवंशी के परिवार की मांग को लेकर काफी चर्चा थी लेकिन Shillong पुलिस और SIT (Special Investigation Team) ने इसे ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि पुलिस के पास पहले से ही पर्याप्त सबूत हैं और आरोपी सोनम तथा राज ने हत्या की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने हत्या के पूरे घटनाक्रम को क्राइम सीन पर रीक्रिएट भी किया है जिसमें दोनों ने बताया कि कैसे और क्यों उन्होंने राजा की हत्या की योजना बनाई। पुलिस का मानना है कि इस स्थिति में नार्को टेस्ट की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार नार्को टेस्ट अनिवार्य नहीं है।

Raja Raghuvanshi Case: सोनम पर नहीं होगा नार्को टेस्ट, मेघालय पुलिस ने दी हैरान कर देने वाली कानूनी वजह

प्यार से शुरू हुई कहानी, हत्या में बदल गई

इस केस में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। सोनम और राज कुशवाहा के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन सोनम के माता-पिता को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। इसी बीच राजा रघुवंशी का रिश्ता सोनम से तय हुआ और उनकी शादी हो गई। शादी के बाद भी सोनम अपने प्रेमी राज के संपर्क में रही। इस दौरान उन्होंने राजा को रास्ते से हटाने की साजिश रची और वही हुआ — राजा की हत्या उनके हनीमून के दौरान कर दी गई।

इस केस में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब पुलिस जांच में पता चला कि सोनम का सपना था एक सफल बिज़नेस वुमन बनने का। राज कुशवाहा ने उसे यह सपना पूरा करने का भरोसा दिलाया। राज ने सोनम के नाम से कई कंपनियां रजिस्टर्ड कराईं, जिससे सोनम को लगने लगा कि राज ही उसका असली भविष्य है। लेकिन शादी के बाद वह खुद को राजा के साथ बंधा महसूस करने लगी और उसे डर था कि उसका सपना अधूरा रह जाएगा। यही सोचकर उसने राजा की हत्या की योजना बनाई, ताकि वह फिर से अपने सपनों की दुनिया में लौट सके।

परिवार मांग रहा न्याय, जनता देख रही न्याय व्यवस्था की असलियत

राजा रघुवंशी के परिजन अब भी न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नार्को टेस्ट से कुछ और सच सामने आ सकते थे। लेकिन पुलिस का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं और मामला कोर्ट तक पहुंचने के लिए तैयार है। वहीं जनता अब इस केस को लेकर न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर नजरें गड़ाए बैठी है। सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या सच में राजा रघुवंशी को इंसाफ मिलेगा या यह केस भी अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों की तरह फाइलों में ही दब जाएगा।

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