Healthy Kidney: किडनी हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है जो खून को साफ करता है और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। लेकिन जब किडनी कमजोर हो जाती है या काम करना बंद कर देती है, तो थकावट, शरीर में सूजन, पेशाब में खून आना और रात में बार-बार पेशाब आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, भारत में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और गलत जीवनशैली के कारण किडनी फेलियर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
सफदरजंग अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. हिमांशु वर्मा बताते हैं कि किडनी की सेहत जानने के लिए समय-समय पर जांच कराना जरूरी है। इसमें सबसे जरूरी होता है किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT)। यह एक साधारण ब्लड और यूरिन टेस्ट होता है जिसमें कई अहम पैरामीटर्स को जांचा जाता है।

कौन-कौन से टेस्ट होते हैं KFT में शामिल?
- सीरम क्रिएटिनिन टेस्ट: यह टेस्ट शरीर में क्रिएटिनिन की मात्रा को मापता है जो मांसपेशियों से निकलता है और किडनी के ज़रिए बाहर आता है। पुरुषों के लिए इसकी सामान्य मात्रा 0.6-1.2 mg/dL और महिलाओं के लिए 0.5-1.1 mg/dL मानी जाती है।
- ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN): इसमें खून में यूरिया की मात्रा देखी जाती है। अगर ये ज़्यादा हो तो किडनी फेलियर का खतरा होता है। सामान्य स्तर 7-20 mg/dL होता है।
- यूरिन रूटीन टेस्ट: इस टेस्ट में यूरिन में प्रोटीन, शुगर या ब्लड जैसी गड़बड़ियों को जांचा जाता है। यूरिन में अगर एल्ब्यूमिन की मात्रा 30 mg/g से अधिक हो जाए तो यह किडनी डैमेज की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
KFT टेस्ट की कीमत अलग-अलग शहरों और लैब्स में अलग हो सकती है लेकिन आमतौर पर यह ₹350 से ₹1200 के बीच होता है। सरकारी अस्पतालों में यह जांच काफी कम कीमत में या मुफ्त में भी कराई जा सकती है। अगर आपको पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर है या परिवार में किसी को किडनी रोग रहा है, तो यह टेस्ट हर 6 महीने में एक बार जरूर कराना चाहिए
किडनी की सेहत बनाए रखने के लिए रोज़ाना भरपूर पानी पिएं, नमक का कम सेवन करें, हाई प्रोटीन डाइट से परहेज करें और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें। साथ ही अगर आप दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही लें क्योंकि कई दवाइयां भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। समय पर किडनी की जांच और सही जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।


