MP Weather: मध्यप्रदेश में इन दिनों बारिश ने दस्तक दे दी है और वो भी पूरे जोर-शोर के साथ। मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य में पांच अलग-अलग वेदर सिस्टम सक्रिय हैं जिसकी वजह से पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। खास बात ये है कि दो टर्फ लाइन सीधे मध्यप्रदेश के ऊपर से गुजर रही हैं और साथ ही एक चक्रवाती सिस्टम भी एक्टिव है। इसके चलते आने वाले चार दिन तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने बुधवार यानी 25 जून को प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, देवास, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जैसे जिले शामिल हैं। साथ ही पूरे राज्य में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी बनी हुई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4.5 इंच तक पानी गिर सकता है।
पिछले 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश
मंगलवार को भी प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन में सिर्फ 9 घंटे में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सतना में 1 इंच, नर्मदापुरम में आधा इंच और छतरपुर के नौगांव तथा बालाघाट के मलाजखंड में भी अच्छी बारिश हुई। भोपाल, बेतूल, गूना, जबलपुर, राजगढ़, दमोह, मंडला, सागर, उमरिया, शाजापुर, सीहोर, रतलाम और शिवपुरी में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश की वजह से कई शहरों का तापमान गिर गया है और पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान बना रहा जहां अधिकतम तापमान सिर्फ 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

26 से 28 जून तक बारिश का जोर और बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार 26 जून को भोपाल, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और डिंडोरी जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 27 जून को विदिशा, दमोह, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सिंगरौली, सीधी और गुना जैसे जिलों में फिर से भारी बारिश की संभावना है। 28 जून को एक बार फिर ग्वालियर, शिवपुरी, सीहोर, सागर, नरसिंहपुर, रीवा और चिंदवाड़ा में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन सभी दिनों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।
लगातार हो रही बारिश से तापमान में तो राहत जरूर मिली है लेकिन जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें। किसानों के लिए ये बारिश फायदेमंद हो सकती है लेकिन अत्यधिक वर्षा से फसलें खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।


