Maharashtra Assembly Elections 2024 को लेकर कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।Rahul Gandhi ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को आमंत्रित किया कि अगर उनके पास कोई मुद्दा है तो वे मिलकर चर्चा करें। आयोग ने आश्वासन दिया कि चुनाव पूरी तरह से निर्वाचन कानूनों के अनुसार कराए गए हैं और पारदर्शिता बनी रही है।
इसके बाद कांग्रेस की तरफ से एक और पत्र चुनाव आयोग को भेजा गया, जिसमें कई मांगें की गईं। पार्टी ने महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों की वोटिंग लिस्ट की डिजिटल कॉपी और मतदान दिवस की वीडियो फुटेज की मांग की। यह पत्र कांग्रेस की 8 सदस्यीय ‘ईगल कमेटी’ ने चुनाव आयोग सचिव अश्विनी कुमार मोहल को लिखा, जो देशभर में चुनावों पर नजर रखने और निष्पक्षता की जांच का काम करती है।
चुनाव आयोग की चुप्पी पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने अपने पत्र में तीखे शब्दों में सवाल पूछा कि आयोग आखिर हमारी मांगों को क्यों नहीं मान रहा। पत्र में कहा गया कि यह हैरान करने वाली बात है कि आयोग वोटिंग लिस्ट देने के बजाय मीडिया में प्रतिक्रियाएं और खंडन जारी कर रहा है। कांग्रेस ने पूछा कि क्या आयोग के पास वास्तव में यह लिस्ट मौजूद है या नहीं। साथ ही मतदान दिवस की वीडियो फुटेज न देना लोगों के मन में संदेह और अविश्वास पैदा करता है।
Congress writes to the Election Commission in response to ECI's letter to LoP Lok Sabha Rahul Gandhi, offering to meet and discuss the issues about the Maharashtra 2024 Vidhan Sabha election that he and the Congress party raised.
The letter reads, "We request you to provide us… pic.twitter.com/USOxfgdnTI
— ANI (@ANI) June 26, 2025
देर शाम वोटिंग में बढ़ोतरी पर कांग्रेस को शक
कांग्रेस ने यह भी कहा कि दिसंबर 2024 से इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर लोकसभा, प्रेस कॉन्फ्रेंस और पत्रों के माध्यम से सवाल उठाए हैं। खासकर 5 बजे के बाद अचानक मतदान प्रतिशत में तेजी से बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई। कांग्रेस का कहना है कि ये सभी घटनाएं किसी गहरी योजना की ओर इशारा करती हैं जिसे जांचा जाना जरूरी है।
अपने पत्र में कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक राहुल गांधी चुनाव आयोग से नहीं मिलेंगे। पत्र में यह भी लिखा गया कि जब बैठक होगी तो उसमें कांग्रेस अपनी जांच के नतीजे आयोग के सामने रखेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग क्या अगला कदम उठाता है और क्या वह कांग्रेस की मांगों को मानकर पारदर्शिता बढ़ाने का काम करेगा।


