Raja Raghuvanshi murder case में एक नया मोड़ तब आया जब अदालत में दो आरोपियों ने अपने गुनाह से इनकार कर दिया। जबकि पुलिस के अनुसार सभी आठों आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया था। शिलॉन्ग पुलिस का कहना है कि उनके पास यह साबित करने के लिए पक्के सबूत हैं कि इन सभी ने मिलकर राजा की हत्या की है। अदालत में आरोपियों के पलटने से यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है लेकिन पुलिस अपनी जांच और सबूतों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।
राजा की मां उमा रघुवंशी अब भी बेटे की मौत को भूल नहीं पाई हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी बहू सोनम पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सोनम ने शादी के महज छह दिन बाद ही राजा को उज्जैन बुलाकर हत्या करवाने की कोशिश की थी। उमा ने कहा कि यदि उस दिन राजा का भाई गोविंद साथ न गया होता तो वह साजिश कामयाब हो सकती थी। यह आरोप बेहद गंभीर हैं और मामले में सोनम की भूमिका को और संदेहास्पद बनाते हैं।
उज्जैन में पहले से तैयार थी साज़िश
उमा रघुवंशी के अनुसार, सोनम ने राजा को अचानक उज्जैन एक कार्यक्रम के बहाने बुलाया। वह चाहती थी कि राजा अकेले जाए लेकिन भाई गोविंद ने एहतियातन साथ जाने का फैसला किया। उमा ने दावा किया कि 17 मई को ही सोनम ने राजा को मरवाने की योजना बना ली थी। लेकिन गोविंद की मौजूदगी के चलते वह योजना विफल हो गई। यह बयान साफ करता है कि साजिश की शुरुआत शिलॉन्ग से पहले ही हो चुकी थी।

काले जादू का भी शक, काली गुड़िया बनी रहस्य
उमा रघुवंशी ने यह भी खुलासा किया कि राजा के व्यवहार में अचानक बदलाव तब आया जब वह उज्जैन से लौटा। उन्होंने बताया कि राजा एक काली गुड़िया लेकर आया था जिसे उसने घर के दरवाज़े पर लटका दिया। परिवार को शक है कि यह किसी तांत्रिक क्रिया का हिस्सा हो सकता है। यह रहस्यमयी काली गुड़िया अब जांच का विषय बन चुकी है और पुलिस इस एंगल को भी ध्यान में रख रही है।
राजा की मां का दर्द इस हद तक बढ़ चुका है कि उन्होंने अब घर में ‘सोनम’ नाम तक लेने पर पाबंदी लगा दी है। उनका कहना है कि हमारे परिवार में अब कोई भी इस नाम से नहीं बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोनम ने न केवल उनके बेटे को छीना बल्कि उनके विश्वास और रिश्तों को भी तोड़ दिया। अब पूरा परिवार इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है और दोषियों को सज़ा मिलने तक चैन से नहीं बैठेगा।


