CM Mohan Yadav आज गुजरात के सूरत में “मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर” विषय पर आयोजित इंटरेक्टिव सेशन में शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन “उद्योग और रोजगार वर्ष 2025” अभियान की श्रृंखला में बेंगलुरु के बाद दूसरा बड़ा संवाद है। इस अभियान का मकसद है कि देश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स से सीधा संवाद हो और निवेशकों को मध्यप्रदेश में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया जा सके। इसके जरिए क्षेत्रीय स्तर पर निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों को भी जन्म देने की योजना है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर मध्यप्रदेश के दीर्घकालिक औद्योगिक विजन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेशकों के लिए तैयार अनुकूल माहौल को विस्तार से साझा करेंगे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न केवल सभा को संबोधित करेंगे बल्कि उद्योगपतियों से एक-एक कर व्यक्तिगत रूप से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में खासतौर पर निवेश आधारित साझेदारियों पर गहन चर्चा की जाएगी। मुख्य फोकस उन सेक्टर्स पर रहेगा जिनमें मध्यप्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त साफ नजर आती है। इनमें फार्मास्युटिकल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल्स, पेट्रोकेमिकल्स, बल्क ड्रग्स और संबंधित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स प्रमुख हैं। राज्य के निवेशोन्मुखी प्रोजेक्ट्स की जानकारी इस कार्यक्रम के माध्यम से दी जाएगी जिससे निवेशकों को नीतियों और संभावनाओं का स्पष्ट चित्र मिल सके।
अनंत संभावनाओं की भूमि अपने मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आज गुजरात के सूरत में ‘मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर’ पर आयोजित इंटरएक्टिव सेशन में सहभागिता करूंगा। pic.twitter.com/nmWSrTsp8D
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 29, 2025
नई नीतियों की जानकारी और औद्योगिक अनुभव साझा होंगे
कार्यक्रम में निवेशकों को मध्यप्रदेश की 18 नई सेक्टोरल नीतियों के साथ-साथ औद्योगिक सहयोग के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी जाएगी। इस इंटरेक्टिव सेशन में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ कॉर्पोरेट लीडर्स और उद्योग संगठन भाग लेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत दक्षिण गुजरात ज़ोनल काउंसिल के अध्यक्ष और प्रवीन लैबोरेट्रीज प्रा. लि. के निदेशक हेतुल मेहता के स्वागत भाषण से होगी। साथ ही ‘इनफिनिट पॉसिबिलिटीज इन एमपी’ नामक फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा जो राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, अधोसंरचना और नीति नवाचारों को दर्शाएगी।
मध्यप्रदेश बना रहा है निवेश का प्रमुख गंतव्य
इस अवसर पर औद्योगिक नीति और निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह राज्य में उपलब्ध भूमि, नई औद्योगिक नीतियों और निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए गए प्रभावी कदमों पर विशेष प्रस्तुति देंगे। साथ ही उन उद्यमियों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे जो पहले से ही मध्यप्रदेश में सफलतापूर्वक उद्योग चला रहे हैं। सरकार का यह सतत संवाद और केंद्रित प्रयास देश और विदेश के अलग-अलग शहरों में हो रहा है ताकि मध्यप्रदेश को भारत के सबसे पसंदीदा औद्योगिक निवेश स्थलों में प्रमुख रूप से स्थापित किया जा सके। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य केवल निवेश को आकर्षित नहीं कर रहा, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल भी सुनिश्चित कर रहा है।


