Rewa LPG Truck Accident: रीवा में बारिश का कहर, सड़क में धंसा एलपीजी ट्रक, 15 घंटे से निकालने की कोशिश जारी

Rewa LPG Truck Accident: रीवा जिले में बारिश की शुरुआत के साथ ही सड़कों की हालत और भी खस्ता हो गई है। जगह-जगह जलभराव और गड्ढों ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। ललपा इलाके में एक बड़ा हादसा तब हो गया जब 341 एलपीजी सिलेंडरों से लदा ट्रक सड़क के अंदर धंस गया। यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रक सतना से सीधी जा रहा था। घटना ने लोगों में दहशत फैला दी है।

निर्माणाधीन सड़क पर न बोर्ड न चेतावनी, हादसे को न्योता

यह हादसा एक निर्माणाधीन सड़क पर हुआ लेकिन हैरानी की बात यह रही कि वहां कोई चेतावनी बोर्ड या संकेत नहीं लगाए गए थे। जिससे यह साफ हो गया कि प्रशासन की लापरवाही का स्तर कितना गंभीर है। सड़क ऊपर से समतल दिख रही थी लेकिन नीचे कीचड़ और कमजोर मिट्टी थी। जैसे ही ट्रक थोड़ा किनारे गया, वह सीधे जमीन में धंस गया।

Rewa LPG Truck Accident: रीवा में बारिश का कहर, सड़क में धंसा एलपीजी ट्रक, 15 घंटे से निकालने की कोशिश जारी

15 घंटे बाद भी नहीं मिली मदद, लोगों ने खुद संभाला मोर्चा

स्थानीय लोगों और ट्रक चालक ने कई बार प्रशासन को जानकारी दी लेकिन 15 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई मदद नहीं पहुंची। यह ट्रक एक रिहायशी कॉलोनी के पास धंसा है जिससे महिलाओं और बच्चों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा वहां बीड़ी फेंकने की घटना ने हालात और डरावने बना दिए हैं। लोग खुद ‘तकावरी’ कर रहे हैं ताकि कोई बड़ा हादसा न हो जाए।

ट्रक चालक का बयान – “एक गाय को बचाने की कोशिश में हादसा हुआ”

ट्रक चालक अवधेश यादव ने बताया कि वह रात को जब ट्रक लेकर निकल रहा था, तभी एक गाय अचानक सामने आ गई। उसे बचाने के लिए उसने ट्रक को थोड़ा साइड में किया और तभी सड़क नीचे धंस गई। ट्रक में लदे सिलेंडरों को लेकर वह काफी डर गया था क्योंकि जरा सी चिंगारी बड़ा हादसा कर सकती थी। उन्होंने कहा कि अगर सड़क की हालत ठीक होती तो ऐसा नहीं होता।

जांच के आदेश, सड़क सुधारने का वादा लेकिन कब तक?

घटना के बाद रीवा कमिश्नर सौरभ सोनबड़े ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने सड़क की हालत में सुधार लाने की बात भी कही है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल बयानबाज़ी है। जब तक सड़कें पूरी तरह सुरक्षित नहीं होतीं, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। लोग अब प्रशासन से ठोस कदम की उम्मीद कर रहे हैं।

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