Judicial Appointments India: देश की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलिजियम ने बड़ा कदम उठाया है। कोलिजियम ने दिल्ली, पंजाब-हरियाणा, तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पटना सहित कई उच्च न्यायालयों में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की है। 1 और 2 जुलाई को हुई बैठक में इन सिफारिशों को अंतिम रूप दिया गया, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई ने की।
दिल्ली और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को मिले नए न्यायाधीश
दिल्ली हाईकोर्ट में तीन न्यायिक अधिकारियों – शैल जैन, मधु जैन और विनोद कुमार – को न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। वहीं पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दस न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। इनमें वीरेन्द्र अग्रवाल, मनीदीप पन्नू, प्रमोद गोयल, शालिनी सिंह नागपाल, अमरिंदर सिंह ग्रेवाल, सुभाष मेहला, सूर्य प्रताप सिंह, रुपिंदरजीत चहल, अराधना सहनी और यशवीर सिंह राठौर जैसे नाम शामिल हैं। यह नियुक्तियाँ लंबित मामलों के शीघ्र निपटान में मदद करेंगी।

तेलंगाना, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में भी नियुक्तियाँ
तेलंगाना हाईकोर्ट के लिए चार वकीलों – गॉस मीरा मोहिउद्दीन, चलपति राव सुद्दाला, वाकीति रामकृष्ण रेड्डी और गडी प्रवीण कुमार – को न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के लिए एक न्यायिक अधिकारी और एक वकील के नाम की मंजूरी दी गई है। वहीं आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में तुहिन कुमार गेडेला को जज बनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया गया है।
गुवाहाटी और मेघालय हाईकोर्ट को भी मिले नए चेहरे
कोलिजियम ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के लिए दो न्यायिक अधिकारियों – प्रांजल दास और संजीव कुमार शर्मा – और दो वकीलों – अंजन मोनी कलिता और राजेश मजूमदार – को जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही मेघालय हाईकोर्ट में वर्तमान में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत जस्टिस विश्वदीप भट्टाचार्य को स्थायी न्यायाधीश बनाने की सिफारिश भी की गई है।
मध्य प्रदेश और पटना हाईकोर्ट में भी नया न्यायिक बल
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए पांच वकीलों – पुष्पेन्द्र यादव, आनंद सिंह बहरावत, अजय कुमार निरंकारी, जय कुमार पिल्लई और हिमांशु जोशी – और पाँच न्यायिक अधिकारियों – राजेश कुमार गुप्ता, आलोक अवस्थी, रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन, भगवती प्रसाद शर्मा और प्रदीप मित्तल – की नियुक्तियों को मंजूरी दी गई है। साथ ही पटना हाईकोर्ट के लिए अजीत कुमार और प्रवीण कुमार को न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। इन सभी नियुक्तियों से देश की न्यायपालिका को नई ऊर्जा मिलेगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।


