Indore News: इंदौर शहर में सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर शहर के कुछ ब्लैक स्पॉट्स पर हर साल सैकड़ों जानें खतरे में पड़ जाती हैं। प्रशासन ने अब इन ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर ली है और उन्हें सुधारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इन जगहों पर ट्रैफिक की अव्यवस्था, अंधेरा और तेज रफ्तार वाहन हादसों का मुख्य कारण बनते हैं।
तीन इमली चौराहा बना सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट
इंदौर के सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स में तीन इमली चौराहा और उसके आगे सर्विस रोड का कट शामिल है। केवल पिछले तीन वर्षों (2022 से 2024) के दौरान यहां 14 हादसे हो चुके हैं जिनमें 12 लोगों की जान जा चुकी है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में तय किया गया कि अब केवल कागज़ी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर सुधार किए जाएंगे। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम को सुझाव भेजे हैं और ज़ोन 3 से पत्राचार भी शुरू कर दिया गया है।
तेज रफ्तार, अंधेरा और अव्यवस्थित पार्किंग बन रही हैं बड़ी वजह
हादसों की मुख्य वजह रात का अंधेरा, भारी वाहन और तेज रफ्तार में आने वाली गाड़ियां हैं। विशेष रूप से तीन इमली चौराहा और विशेष जुपिटर अस्पताल के पास का कट बेहद खतरनाक बन चुका है। इसके अलावा अतिक्रमण, ठेले और ब्रिज के नीचे अव्यवस्थित पार्किंग भी स्थिति को और बिगाड़ते हैं। ज़ोन 3 के एसीपी हिंदू सिंह मूवेल ने बताया कि तेज गति को नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप्स, चेतावनी बोर्ड और रेडियम पट्टियां लगाई जाएंगी। फ्लाईओवर के नीचे लाइटिंग सिस्टम भी सुधारा जाएगा।

भारी वाहनों पर पाबंदी और बस स्टॉप हटाने की योजना
मानसून सीजन में ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए कलेक्टर ने शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक तीन इमली से शहर की ओर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। पहले यह समय 5 से 7 बजे तक था। इसके साथ ही, विशेष जुपिटर अस्पताल के सामने का क्षेत्र भी हादसों का केंद्र बना हुआ है। पिछले तीन वर्षों में यहां 7 हादसे हुए हैं और 6 लोगों की जान गई है। ट्रैफिक पुलिस यहां के कट को बंद करने और शहर बस स्टॉप को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है।
अब जमीनी कार्यवाही की तैयारी, सुधार की उम्मीद
लंबे समय से सड़क सुरक्षा को लेकर बातें होती रही हैं लेकिन अब जिला प्रशासन और पुलिस दोनों ही मिलकर इस दिशा में गंभीर कदम उठा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाया जाएगा और ट्रैफिक को नियंत्रित कर लोगों की जान की हिफाजत की जाएगी। यह कदम इंदौर की सड़क सुरक्षा के इतिहास में एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है।


