MP Free Bicycles: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के छात्रों को एक बड़ा तोहफा दिया है। आज यानी 10 जुलाई को पूरे मध्यप्रदेश के स्कूलों में कक्षा 6वीं और 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को मुफ्त साइकिल वितरित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को आसान और सुलभ बनाना है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों के लिए।
शिक्षा में सुधार का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि हर बच्चा बिना किसी रुकावट के स्कूल पहुंचे और पढ़ाई में आगे बढ़े। खास बात यह है कि यह योजना केवल कुछ खास वर्गों तक सीमित नहीं है। कोई भी छात्र जो पात्रता पूरी करता है, इस योजना का लाभ ले सकता है।
10 जुलाई को प्रदेश में 15 लाख से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित की जाएंगी… pic.twitter.com/8C5IsWhsjl
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 5, 2025
कौन-कौन ले सकता है लाभ?
इस योजना का लाभ वही छात्र ले सकते हैं जो कक्षा 6वीं या 9वीं में प्रवेश ले रहे हैं और जिनके गांव में सरकारी स्कूल नहीं है। अगर उन्हें पढ़ाई के लिए 2 किलोमीटर या उससे अधिक दूर जाना पड़ता है, तभी वह इस योजना के पात्र होंगे। छात्र को यह लाभ केवल एक बार मिलेगा। यदि छात्र फेल होता है और दोबारा उसी कक्षा में प्रवेश लेता है तो उसे यह लाभ नहीं मिलेगा।
लड़कियों को मिलेगा खास फायदा
ग्रामीण क्षेत्रों के बालिका छात्रावासों की छात्राओं को भी इस योजना से फायदा मिलेगा। अगर उनके स्कूल की दूरी 2 किलोमीटर या उससे अधिक है, तो छात्रावास को साइकिल दी जाएगी। छात्राएं इसका उपयोग कर सकती हैं, लेकिन छात्रावास छोड़ने पर उन्हें साइकिल वापस जमा करनी होगी। यह कदम बेटियों को भी आत्मनिर्भर बनाने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम है।
कैसे मिलेगा साइकिल का लाभ?
फ्री साइकिल योजना के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रमुख शिक्षक द्वारा पोर्टल पर छात्रों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद विकास खंड कार्यालय से साइकिल वितरित की जाएगी। छात्र या उनके माता-पिता के खाते में ₹2400 भेजे जाएंगे या फिर एक वाउचर कोड दिया जाएगा, जिसके जरिए वे दुकान से साइकिल खरीद सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनाई गई है ताकि किसी भी छात्र को परेशानी न हो।


