MP Monsoon: मंडला में 190 मिमी बारिश, हाईवे बंद – क्या बाढ़ की ओर बढ़ रहा है मध्यप्रदेश?

MP Monsoon: मध्यप्रदेश में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक देकर लोगों को राहत तो दी लेकिन अब यही बारिश परेशानी बन चुकी है। 10 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में ज़बरदस्त बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। आने वाले 4 से 5 दिनों तक यही हालात बने रहने की संभावना है। सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और गांवों में बाढ़ जैसे हालात लोगों को परेशान कर रहे हैं।

मंडला, डिंडोरी और बालाघाट में हालात गंभीर

राज्य के दक्षिण-पूर्वी जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। मंडला जिले में पिछले कुछ दिनों में 190 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है। डिंडोरी में कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और स्कूलों व आंगनबाड़ियों को बंद करना पड़ा है। बालाघाट और सिवनी में भी भारी बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे गांवों में पानी भर गया है और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

MP Monsoon: मंडला में 190 मिमी बारिश, हाईवे बंद – क्या बाढ़ की ओर बढ़ रहा है मध्यप्रदेश?

जबलपुर-मंडला हाईवे पर लैंडस्लाइड

जबलपुर और सतना जैसे बड़े शहरों में भी लगातार बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। जबलपुर से मंडला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। वहीं भोपाल और सागर में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्याएं सामने आई हैं। प्रदेश के 27 से अधिक जिलों में बीते 24 घंटे में भारी बारिश हुई है। लोग घरों में कैद हैं और जनजीवन पूरी तरह से ठहर गया है।

अलर्ट की तीन श्रेणियाँ: जानिए कौन-कौन से जिले हैं प्रभावित

मौसम विभाग ने आज के लिए तीन तरह के अलर्ट जारी किए हैं।
🔴 रेड अलर्ट: मंडला, सिवनी और बालाघाट में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
🟠 ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, उमरिया, डिंडोरी, कटनी और पन्ना में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा।
🟡 येलो अलर्ट: इंदौर, उज्जैन सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।

सावधानी ही सुरक्षा: प्रशासन और किसानों को चेतावनी

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए फसलों की कटाई और अन्य कृषि कार्य करें। यह असमान्य मौसम सौराष्ट्र और कच्छ से आ रही कम दबाव की प्रणाली और दो चक्रवातीय हवाओं के प्रभाव से हो रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों की तैयारी तेज कर दी है।

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