MP News: मध्यप्रदेश में वोटर रजिस्ट्रेशन के खुलते ही राज्य निर्वाचन आयोग ने कई फर्जी पतों की पहचान की है। इनमें पांच श्रेणियों में 7 लाख 95 हजार से अधिक संदिग्ध पते सामने आए हैं। आयोग का मानना है कि इन फर्जी रजिस्ट्रेशनों का मकसद चुनावी धांधली हो सकता है जिससे नतीजों पर गहरा असर पड़ेगा।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर बने संदेह के केंद्र
सबसे अधिक संदिग्ध पते भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में पाए गए हैं। इन जगहों पर हजारों वोटर ऐसे हैं जिनके पते अधूरे या संदिग्ध हैं। ग्वालियर में 16,426, भोपाल में 5,472 और अन्य निगम क्षेत्रों में भी हजारों फर्जी पते पाए गए हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बड़े शहरों में चुनावी सूची को प्रभावित करने का प्रयास हुआ है।

आयोग की सख्ती: हर घर पहुंचेगी जांच टीम
निर्वाचन आयोग ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। अब हर एक पते की सत्यापन के लिए आयोग की टीम घर-घर जाएगी। यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट में शामिल पाया जाता है तो उसका नाम तुरंत हटाया जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जाएगी।
तकनीक के साथ निगरानी का नया दौर
फर्जी नामों की पहचान के लिए एमपी एसईडी द्वारा विकसित एक विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक चुनाव आयोग की टीम को उन पतों की पहचान करने में मदद कर रही है जहां संदिग्ध रूप से अधिक वोटर दर्ज हैं। इसके साथ ही हर वार्ड में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी गलत नाम लिस्ट में न रह सके।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनसहयोग जरूरी
आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को अपने क्षेत्र में फर्जी वोटर का संदेह हो तो वह इसकी जानकारी दे। आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और हर पते की निष्पक्ष जांच की जाएगी। लोकतंत्र को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह जरूरी कदम है और इसमें सभी नागरिकों की भागीदारी अहम होगी।


