MP News: राजशाही भले ही इतिहास बन गई हो लेकिन अशोकनगर जिले में राजनीति के मंच पर एक बार फिर शाही रंग देखने को मिला। कांग्रेस के न्याय सत्याग्रह आंदोलन में राघौगढ़ के युवराज जयवर्धन सिंह और ग्वालियर रियासत के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जुबानी जंग ने पुराने राजसी टकराव की याद दिला दी।
जयवर्धन सिंह का तीखा हमला
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मंच से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर करारा तंज कसते हुए कहा कि जिस क्षेत्र से वे सांसद हैं वहां आज भी न्याय की तलाश जारी है। उन्होंने झांसी की रानी से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग का हवाला देते हुए सिंधिया पर व्यंग्यात्मक हमला बोला और कहा कि इतिहास गवाह है कि इस क्षेत्र ने विश्वासघात भी देखा है।

सोशल मीडिया बना रणभूमि
इस जुबानी जंग के बाद दोनों पक्षों के समर्थक सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए। बीजेपी समर्थकों ने एक पुरानी तस्वीर वायरल की जिसमें जयवर्धन सिंह सिंधिया के सामने झुके हुए दिख रहे हैं। इसके जवाब में कांग्रेस समर्थकों ने भी एक फोटो वायरल की जिसमें सिंधिया दिग्विजय सिंह के सामने झुके हुए नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है।
कांग्रेस-सिंधिया रिश्तों की बदलती परछाइयाँ
सिंधिया और कांग्रेस के संबंध एक समय बेहद करीबी रहे हैं लेकिन जबसे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा है तबसे यह रिश्ता कटुता में बदल गया है। अब कांग्रेस के नेता, खासकर दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह जैसे चेहरे, सिंधिया को सीधा निशाना बना रहे हैं और उनकी छवि पर हमला कर रहे हैं।
चुनाव से पहले माहौल गरम
गुना लोकसभा सीट पर सिंधिया परिवार की ऐतिहासिक पकड़ रही है लेकिन अब कांग्रेस का आक्रामक रुख यह संकेत दे रहा है कि इस बार मुकाबला रोचक हो सकता है। युवराज जयवर्धन सिंह का सक्रिय होना और महाराज पर तीखे वार करना बताता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनने वाला है।


