Madhya Pradesh Politics: मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सक्रियता के बाद अब कांग्रेस भी मैदान में उतर आई है। कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों और नेताओं को प्रशिक्षित करने के लिए एक विशेष कैंप का आयोजन करने जा रही है। यह कैंप 21 और 22 जुलाई को धार जिले के मांडू में आयोजित होगा। यह दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
‘नव संकल्प’ के तहत बनेगी नई रणनीति
इस प्रशिक्षण कैंप का नाम कांग्रेस ने “नव संकल्प” रखा है। इसका मकसद आने वाले मानसून सत्र से पहले पार्टी को नई ऊर्जा और रणनीति देना है। इसमें यह सिखाया जाएगा कि सत्ता पक्ष के सवालों का जवाब किस तरह दिया जाए और जनता के बीच जाकर सरकार की कमजोरियों को उजागर कैसे किया जाए। यह कैंप संगठन और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का भी एक प्रयास होगा।

दिल्ली से आएंगे विशेष प्रशिक्षक
इस प्रशिक्षण में दिल्ली से विशेष प्रशिक्षकों को बुलाया गया है जो कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक कौशल, मीडिया से संवाद और जन मुद्दों को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाने की तकनीक सिखाएंगे। प्रशिक्षकों का फोकस इस बात पर होगा कि कैसे भाजपा के आरोपों का प्रभावी जवाब दिया जाए और कैसे जनता के मुद्दों को जनांदोलन में बदला जाए।
राहुल गांधी और खड़गे का वीडियो संदेश
इस शिविर की खास बात यह है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए विधायकों को संबोधित करेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि 21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है। इसलिए सभी बड़े नेता दिल्ली में व्यस्त होंगे लेकिन वे मांडू में चल रहे शिविर में अपनी उपस्थिति का असर जरूर छोड़ेंगे।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की नई दिशा
कांग्रेस इस प्रशिक्षण शिविर के ज़रिए न सिर्फ अपने विधायकों को प्रशिक्षित करना चाहती है बल्कि प्रदेश में संगठन को एक नई दिशा देना चाहती है। 28 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहती है ताकि वह विपक्ष की भूमिका को मजबूती से निभा सके और जनता के मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाए। ‘नव संकल्प’ कांग्रेस के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है।


