MP News: 20 लाख नाम सूची से गायब, ई-KYC से उजागर हुआ बड़ा खेल!

MP News: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ई-केवाईसी अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पांच महीनों में एक करोड़ से अधिक लोगों की पहचान सत्यापित की गई। इसमें यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि करीब 20 लाख लाभार्थी ऐसे थे, जो या तो मृत हो चुके थे, या एक ही व्यक्ति के नाम दो जगह दर्ज थे, या फिर पलायन कर चुके थे। ऐसे सभी नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

अब बनेगी नई पात्रता सूची, जुड़ेंगे नए लाभार्थी

खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जितने नाम हटाए गए हैं, उतने ही नए पात्र लोगों को योजना में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब 20 लाख नए लोगों को राशन का लाभ मिलेगा। विभाग के आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने बताया कि राज्य में 5.32 करोड़ पात्र लाभार्थी हैं और अब तक 90 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। शेष लोगों की पहचान जल्द ही पूरी की जाएगी।

MP News: 20 लाख नाम सूची से गायब, ई-KYC से उजागर हुआ बड़ा खेल!

छह महीने से राशन न लेने वालों पर गिरी गाज

विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई उपभोक्ता लगातार राशन लेने नहीं आ रहे थे। ऐसे में उन लोगों का नाम सार्वजनिक सूचना बोर्ड पर भी लगाया गया ताकि वे सचेत हो जाएं। लेकिन कई ऐसे लाभार्थी थे जो छह महीनों से राशन नहीं लेने आए। इससे संदेह हुआ कि वे या तो योजना के पात्र नहीं रहे या कहीं और चले गए हैं। ऐसे लोगों के नाम अब सूची से हटा दिए गए हैं ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।

अनाज की बर्बादी रुकेगी, सिस्टम होगा पारदर्शी

इस ई-केवाईसी प्रक्रिया से जहां एक ओर सरकारी अनाज की बर्बादी रुकेगी, वहीं दूसरी ओर पारदर्शिता भी आएगी। अब अनाज उन्हीं तक पहुंचेगा जो वास्तव में इसके हकदार हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग फिर से पात्र साबित होते हैं, वे नए दस्तावेज़ों के साथ पुनः आवेदन कर सकते हैं। यह कदम गरीबों तक सही मदद पहुंचाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

बदलेगा वितरण तंत्र, मिलेगा असली हकदारों को राशन

सरकार द्वारा चलाया गया यह अभियान सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार की ओर एक बड़ा कदम है। जहां पहले नकली और दोहराव वाले नामों के कारण असली जरूरतमंद वंचित रह जाते थे, अब यह स्थिति बदलने वाली है। नए लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी राशन मिलने लगेगा। यह परिवर्तन गरीबों के लिए राहत का संकेत है।

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