Kanwar Yatra 2025: कांवड़ मेला 2025 में हरिद्वार के घाटों पर उमड़ी भीड़ के बीच SDRF की सतर्कता और बहादुरी ने 15 कांवड़ियों की जान बचाई है। तीन दिनों में प्रेगनागर घाट और कांगड़ा घाट पर SDRF की टीमों ने गंगा की तेज लहरों में फंसे कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई है। हर कोई SDRF के जवानों की तत्परता और साहस की सराहना कर रहा है।
16 वर्षीय आदर्श को डूबने से बचाया, पिता की आंखों में उतर आया सुकून
उत्तर प्रदेश से अपने पिता प्रमोद के साथ कांवड़ लाने आए 16 वर्षीय आदर्श की जान उस समय संकट में पड़ गई जब वह प्रेगनागर घाट पर गंगा स्नान करते हुए बहने लगा। SDRF की टीम ने समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस ऑपरेशन में SI आशीष त्यागी, ASI दीपक मेहता, हेड कांस्टेबल कपिल कुमार और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई।

कांगड़ा घाट पर दो और जिंदगियों को दी नई शुरुआत
कांगड़ा घाट पर SDRF के बहादुर जवानों ने 32 वर्षीय रिंकू (करनाल, हरियाणा) और 23 वर्षीय लोकेन्द्र (अमरोहा, उत्तर प्रदेश) की जान बचाई। दोनों गंगा की गहराई और तेज बहाव में फंस चुके थे। SDRF के हेड कांस्टेबल आशिक अली और कांस्टेबल प्रकाश मेहता व नितेश खेतवाल ने तुरंत कार्रवाई कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दिन-रात गंगा घाटों पर तैनात SDRF, कर रही है कांवड़ियों की सुरक्षा
कांवड़ मेला 2025 के दौरान SDRF की टीमें हरिद्वार के प्रमुख घाटों पर चौबीसों घंटे तैनात हैं। उनकी चौकसी और तेज निर्णय क्षमता ने अब तक कई जिंदगियों को डूबने से बचा लिया है। SDRF का ये कार्य लोगों में विश्वास का प्रतीक बन चुका है और कांवड़िए उन्हें रक्षक की तरह देख रहे हैं।
SDRF की अपील: सावधानी बरतें, सुरक्षा निर्देशों का करें पालन
SDRF ने सभी कांवड़ियों से अपील की है कि वे गंगा में स्नान करते समय सावधानी बरतें और घाटों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। भीड़ और बहाव के कारण हादसों की संभावना बनी रहती है। SDRF की अपील और सतर्कता ही इन घटनाओं को रोक सकती है।


