MP News: सावन की मासिक शिवरात्रि पर गूंजेगा हर घर ‘हर-हर महादेव’! पंडित प्रदीप मिश्रा का आह्वान

MP News: इस बार सावन की मासिक शिवरात्रि 23 जुलाई को है और शाम 7 से 8 बजे तक हर घर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाएगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर देश और विदेश में बसे करोड़ों शिव भक्त मिट्टी का शिवलिंग बनाकर सामूहिक रूप से पूजा करेंगे। यह आयोजन ‘हर-हर महादेव, घर-घर महादेव’ के संकल्प के साथ किया जाएगा और इसका सीधा प्रसारण यूट्यूब व फेसबुक पर होगा।

पंडित प्रदीप मिश्रा का विशेष संदेश

छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव भक्तों को मासिक शिवरात्रि के विशेष पूजन का संदेश दिया। उन्होंने आग्रह किया कि शिवरात्रि पर प्रत्येक भक्त अपने घर पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर जलाभिषेक करें। यदि संभव हो तो ब्राह्मणों और संतों को घर बुलाकर रुद्राभिषेक कराएं। अन्यथा ऑनलाइन माध्यम से भी पूजा में सम्मिलित हुआ जा सकता है।

MP News: सावन की मासिक शिवरात्रि पर गूंजेगा हर घर ‘हर-हर महादेव’! पंडित प्रदीप मिश्रा का आह्वान

शिवभक्ति में डूबे देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु

पिछले छह वर्षों से पंडित मिश्रा के आह्वान पर करोड़ों शिव भक्त एक साथ भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं में उत्साह दोगुना है। प्रतिदिन हजारों लोग कांवड़ लेकर निर्माणाधीन मुरली मनोहर व कुबरेश्वर महादेव मंदिर, चितवालिया हेमा पहुँच रहे हैं। यहां भक्तों के लिए निशुल्क प्रसादी, फलाहार, नाश्ता और पीने के पानी की भी उत्तम व्यवस्था की गई है।

मासिक शिवरात्रि का पौराणिक महत्व

समिति के सदस्य मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने बताया कि मासिक शिवरात्रि का पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे और ब्रह्मा व विष्णु ने पहली बार शिवलिंग की पूजा की थी। प्रत्येक वर्ष एक महाशिवरात्रि और 11 मासिक शिवरात्रियां आती हैं। यह पर्व प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन का व्रत रखने से शिव कृपा से अपार फल की प्राप्ति होती है।

घर में शिवलिंग बनाकर करें पूजन

पंडित मिश्रा ने भक्तों से निवेदन किया है कि वे 23 जुलाई को अपने घर में पार्थिव शिवलिंग बनाएं और विधिवत पूजन करें। जल, बेलपत्र, धतूरा, शहद और दुग्ध से भगवान शिव का अभिषेक करें। यदि कोई मंदिर ना जा सके तो घर में ही इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बन सकता है। यह अनुष्ठान ना केवल व्यक्तिगत सुख-शांति के लिए उपयोगी है बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है।

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