MP News: मैहर जिले के करोंडिया मोहल्ले से आई एक दर्दनाक वीडियो ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। भारी बारिश के बाद नाले में बहे सैकड़ों गाय-बैल की तस्वीरों ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। रामनगर नगर परिषद के वार्ड नंबर 4 में यह हादसा उस वक्त हुआ जब तेज बहाव में फंसे मवेशियों की जान बचाना भी मुश्किल हो गया था।
जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने की बचाव की कोशिश
हालात इतने भयावह थे कि मवेशी पानी के तेज बहाव में बहते नजर आए। लेकिन वहीं कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई मवेशियों की जान बचाई। गांव के पास कोई पक्का रास्ता नहीं है जिससे हर साल बरसात में गांव अलग-थलग पड़ जाता है। यही असुविधा इस बार मवेशियों पर भारी पड़ गई।

खुद ग्रामीणों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ ग्रामीणों ने ही जबरन मवेशियों को पानी में उतारा था जिससे ये हादसा हुआ। हालांकि अन्य ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ी संख्या में जानें बच गईं लेकिन इस लापरवाही ने पशु कल्याण पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना की वीडियो कुछ युवाओं ने सोशल मीडिया पर डाली जिसके बाद मामला और तूल पकड़ गया।
वायरल वीडियो से प्रशासन पर बढ़ा दबाव
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैली वैसे ही प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बन गया। लोगों ने पूछा कि जब प्रशासन आपदा प्रबंधन और विकास योजनाओं के बड़े-बड़े दावे करता है तो फिर ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। गांव में न तो पक्की सड़क है और न ही कोई सुरक्षित पशु आश्रय स्थल जिससे ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
अब प्रशासन जागा और मामला दर्ज
फिलहाल प्रशासन ने पांच लोगों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह कदम देर से सही लेकिन जरूरी था। प्रशासन का दावा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक सुस्ती का नतीजा है बल्कि यह दर्शाती है कि जानवरों की सुरक्षा को अब भी नजरअंदाज किया जा रहा है।


