MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव का नया कदम! मध्यप्रदेश में रोजगार और उद्योग को नई उड़ान

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि 2025 मध्यप्रदेश में “उद्योग और रोजगार” का वर्ष होगा। उनका मानना है कि अगर राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है तो गांवों से लेकर शहरों तक रोजगार और उद्योग का जाल बिछाना जरूरी है। इसी सोच को लेकर सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जो युवाओं को अपने ही राज्य में काम के अवसर दें। इसी दिशा में भोपाल के अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में पांच नई औद्योगिक इकाइयों की नींव रखी जाएगी।

स्पेन और दुबई से निवेशकों को बुलावा

मुख्यमंत्री ने हाल ही में स्पेन और दुबई का दौरा किया जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों और कारोबारी माहौल के बारे में जानकारी दी जिससे विदेशी कंपनियों का भरोसा बढ़ा है। डॉ. यादव का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश को एक निवेश-हितैषी राज्य के रूप में प्रस्तुत करना जरूरी है।

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव का नया कदम! मध्यप्रदेश में रोजगार और उद्योग को नई उड़ान

400 करोड़ के निवेश से बदल जाएगा चेहरा

24 जुलाई को भोपाल के अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में पांच बड़ी कंपनियों के लिए भूमि पूजन किया जाएगा। ये कंपनियां 12.88 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली होंगी और इनका कुल निवेश 400 करोड़ रुपये से अधिक का होगा। इससे लगभग 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा जो स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। इस कदम से क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।

हर क्षेत्र में निवेश: टेक्सटाइल से लेकर फार्मा तक

इस प्रोजेक्ट में जिन कंपनियों का भूमि पूजन होगा उनमें गोकुलदास एक्सपोर्ट्स (परिधान क्षेत्र), इंडो अकोर्ड अपैरल्स (टेक्सटाइल), एसेडास प्राइवेट लिमिटेड (हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक्स), सिनाई हेल्थ केयर (फार्मा) और समर्थ एग्रीटेक (कृषि उपकरण) शामिल हैं। ये इकाइयां राज्य के युवाओं को न केवल नौकरी देंगी बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर भी उपलब्ध कराएंगी।

स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री का यह प्रयास है कि गांवों से लेकर कस्बों और शहरों तक युवाओं को उनके घर के पास ही नौकरी मिले। इससे पलायन रुकेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस प्रकार की योजनाएं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। अचारपुरा परियोजना से स्पष्ट है कि सरकार अब रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

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