MP Weather: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने 19 जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट और 18 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे पहले गुरुवार को अशोकनगर, विदिशा और शिवपुरी जैसे जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी।
बांधों के गेट खुले, जल स्तर में भारी वृद्धि
लगातार बारिश के कारण बांधों में जल स्तर तेजी से बढ़ा है। शिवपुरी स्थित अटल सागर डैम मड़ीखेड़ा के दो गेट खोल दिए गए, वहीं रायसेन के बरना डैम के चार गेट एक-एक मीटर तक खोलकर 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

कहां-कहां कितनी बारिश हुई?
राज्य के कई जिलों में गुरुवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 2.3 इंच, सिवनी में 1.6 इंच, पचमढ़ी में 1.5 इंच और भोपाल में 1.25 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शिवपुरी, सागर और दतिया में आधा इंच बारिश हुई। अन्य जिलों जैसे बैतूल, नरसिंहपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, मांडला, उमरिया, विदिशा, बालाघाट में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही।
चार सिस्टम से हो रही बारिश की बौछार
मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, इस समय प्रदेश में चार मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। इनमें दो ट्रफ लाइनें और दो चक्रवातीय परिसंचरण शामिल हैं। एक मानसून ट्रफ लाइन प्रदेश के उत्तरी हिस्से से गुजर रही है, जिसके चलते अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
सामान्य से अधिक बारिश, कुछ जिलों में रिकॉर्ड वर्षा
मौजूदा मानसून सीजन में राज्य में अब तक औसतन 21.8 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 14.6 इंच का था। यानी इस बार औसतन 7.2 इंच ज्यादा वर्षा हुई है, जो कि 49% अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर जिलों में सामान्य से 25% ज्यादा वर्षा हो चुकी है। वहीं ग्वालियर समेत 5 जिले लगभग 80-95% वर्षा के लक्ष्य को पा चुके हैं। हालांकि इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा जैसे जिले अब भी पीछे हैं, जहां 10 इंच से भी कम बारिश दर्ज हुई है।


