India-Maldives Relations: 60वीं सालगिरह पर दोस्ती की नई मुहर! मालदीव ने भारत को बताया सबसे भरोसेमंद साथी

India-Maldives Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह मौका केवल एक उत्सव नहीं था बल्कि भारत और मालदीव के मजबूत होते रिश्तों की गवाही भी बना। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 8 अहम समझौते हुए। इनमें लोन, मुक्त व्यापार समझौता, मत्स्य पालन, जल कृषि, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, औषधि मानक और यूपीआई जैसी तकनीकी साझेदारी शामिल है।

4850 करोड़ की मदद से बढ़ेगा विकास

प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव को ₹4,850 करोड़ यानी लगभग 565 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण देने की घोषणा की। यह रकम मालदीव के आधारभूत ढांचे के विकास में खर्च की जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह सहायता वहां के लोगों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इस्तेमाल की जाएगी। यह भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को भी दर्शाता है।

‘इंडिया आउट’ के बाद रिश्तों में आई गर्मजोशी

नवंबर 2023 में मालदीव में ‘इंडिया आउट’ अभियान के कारण दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। लेकिन इस यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और मालदीव की दोस्ती किसी भी स्थिति में मजबूत और स्पष्ट बनी रहेगी। चाहे आपदा हो या महामारी भारत ने हमेशा पहले सहायता की है। इस रिश्ते की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर मालदीव ने एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

 सुरक्षा से लेकर शिक्षा तक सहयोग

मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुज्जू ने भारत को अपना सबसे विश्वसनीय मित्र बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल सुरक्षा और व्यापार तक सीमित नहीं बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। मालदीव के सैकड़ों नागरिक हर दिन भारत में इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए आते हैं और भारत में रहने वाले मालदीवियों का भी स्वागत होता है।

 मुक्त व्यापार समझौते पर हुई शुरुआत

भारत और मालदीव ने मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा शुरू की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि इस समझौते से मालदीव की भारत को दी जाने वाली सालाना ऋण राशि में 40 प्रतिशत की कमी आएगी। इसके साथ ही दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर भी मिलकर काम करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास और समझदारी का नया अध्याय साबित हुई है।

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