MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में चल रही श्रीमत भागवत कथा के दौरान निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंदपुरी महाराज ने एक ऐसा बयान दे दिया जिससे देशभर में विवाद खड़ा हो गया है। साईं बाबा को मुस्लिम बताकर उनकी पूजा न करने की अपील करते हुए स्वामीजी ने कहा कि जिनके घरों में साईं की मूर्ति है वे उसे कुएं में फेंक दें और फोटो को जला दें। उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच नाराज़गी और बहस दोनों ही देखी जा रही है।
“84 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा करो”
स्वामी प्रेमानंदपुरी ने अपने कथन में जोर देते हुए कहा कि हिंदुओं को सिर्फ अपने 84 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए और किसी पीर की नहीं। उनका ये भी कहना था कि यदि किसी ने अब तक साईं बाबा की पूजा की है तो वह ठीक है लेकिन अब समय आ गया है जागने का। इस बयान से कई साईं भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

मंदिरों में ‘हिंदू कार्ड’ से प्रवेश की मांग
स्वामीजी ने कथा के दौरान यह भी कहा कि मंदिरों में अब हिंदू कार्ड बनाकर ही प्रवेश दिया जाना चाहिए ताकि गैर-हिंदू लोगों को प्रवेश से रोका जा सके। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि वहां दुकानों पर मालिक का नाम लिखा होता है जिससे उसके धर्म की पहचान होती है। उनका इशारा धार्मिक पहचान के आधार पर अलगाव बढ़ाने की ओर था।
“मंदिर सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों”
महामंडलेश्वर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि देश के सभी मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर पहले महा निर्वाणी अखाड़े के अधीन था और अब उसका प्रबंधन दोबारा अखाड़े को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेलंगाना जैसे राज्यों में मंदिरों के पैसों से भोजन की व्यवस्था की जा रही है और यह सही नहीं है।
“साईं बाबा की मूर्ति पूज्य नहीं”
अपने बयान में प्रेमानंदपुरी महाराज ने स्पष्ट कहा कि साईं बाबा की मूर्ति पूजने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके गुरु शांति स्वरूपानंदजी ने भी जीवनभर साईं बाबा का विरोध किया और अब वह खुद भी उसी परंपरा का पालन कर रहे हैं। इस बयान ने धार्मिक सहिष्णुता को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।


