MP News: बिना हेलमेट पहुंचोगे पेट्रोल पंप तो खाली टंकी के साथ लौटोगे, इंदौर में कलेक्टर का बड़ा आदेश आया सामने

MP News: इंदौर में 1 अगस्त से एक नया नियम लागू होने जा रहा है। अब अगर कोई दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पेट्रोल भरवाने आता है तो उसे पेट्रोल नहीं मिलेगा। यह आदेश कलेक्टर आशीष सिंह ने जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी मेडिकल स्थिति के चलते हेलमेट नहीं पहन सकते तो छूट दी जाएगी। लेकिन सामान्य मामलों में सभी को यह नियम मानना अनिवार्य होगा।

 पेट्रोल पंप कर्मचारियों को दी गई चेतावनी

इस आदेश के अंतर्गत पेट्रोल पंप कर्मचारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे बिना हेलमेट आने वालों को पेट्रोल न दें। यदि किसी कर्मचारी ने इस नियम का उल्लंघन किया तो संबंधित पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस आदेश की प्रतियां सभी पेट्रोल पंपों को भेज दी गई हैं। कलेक्टर ने पंप संचालकों से बैठक कर इस फैसले की जानकारी दी और उनसे सहयोग की अपील भी की।

MP News: बिना हेलमेट पहुंचोगे पेट्रोल पंप तो खाली टंकी के साथ लौटोगे, इंदौर में कलेक्टर का बड़ा आदेश आया सामने

छह साल पहले भी हो चुका है ऐसा प्रयास

यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में ऐसा कोई कदम उठाया गया है। छह साल पहले कलेक्टर पी. नरहरि ने भी यही नियम लागू किया था। हालांकि शुरू में कुछ दिन सख्ती रही लेकिन बाद में लोग फिर से नियम तोड़ने लगे और बिना हेलमेट पेट्रोल भरवाना आम बात हो गई। इस बार प्रशासन इस अभियान को गंभीरता से लागू करना चाहता है।

सुप्रीम कोर्ट समिति की सिफारिश पर लिया फैसला

इस सख्ती का मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी की सिफारिश है। मंगलवार को कमेटी के चेयरमैन अभय मनोहर सप्रे ने इंदौर में बैठक के दौरान सिफारिश की थी कि सरकारी कर्मचारियों और छात्रों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जाए। इसके अगले ही दिन कलेक्टर ने नया आदेश जारी कर दिया। इसका मुख्य उद्देश्य शहर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना है।

इंदौर में दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा सड़क हादसे इंदौर में होते हैं। इन हादसों में अधिकतर जानें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वालों की जाती हैं। कलेक्टर का मानना है कि लोगों में हेलमेट पहनने की आदत डालनी जरूरी है और इसके लिए कड़े कदम उठाना जरूरी हो गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो उस पर आईपीसी की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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