कांग्रेस नेता Digvijay Singh ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष कोई गंभीर सवाल उठाता है तो सत्तापक्ष जवाब देने से बचता है। लेकिन जैसे ही कोई आरोप लगता है तो तुरंत खंडन करने में लग जाते हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि यह रवैया देश में निष्पक्ष संवाद को रोकता है।
राहुल गांधी ने लगाए वोट चोरी के आरोप
राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने पहले भाषण में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई चुनावों में वोट चोरी की घटनाएं हुई हैं और उनके पास इसके सबूत भी हैं। उन्होंने ईवीएम प्रणाली में गड़बड़ी की बात कही और चुनाव प्रक्रिया को अविश्वसनीय करार दिया। इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

Digvijay Singh बोले- रुकिए, बहुत कुछ आएगा सामने
जब पत्रकारों ने दिग्विजय सिंह से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने संक्षिप्त सा जवाब दिया “रुकिए”। इस बयान से यह साफ हो गया कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में इस मुद्दे को और उग्र रूप में उठाने की तैयारी में है। हो सकता है कि वे कुछ ठोस दस्तावेज या तथ्य सार्वजनिक करें जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
लोकतंत्र पर संकट की चेतावनी
राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो सभी संस्थाओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष रखना होगा।
कांग्रेस ने मांगा ठोस जवाब
दिग्विजय सिंह ने साफ कहा कि सिर्फ आरोपों का खंडन करना काफी नहीं है। सरकार को हर सवाल का ठोस और तथ्यपूर्ण जवाब देना चाहिए। अगर चुनावों में गड़बड़ी नहीं हुई तो सरकार को जांच कराने में डर क्यों है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और जवाब मांगती रहेगी।


