MP News: लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार मामला सीधे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है। छतरपुर के बमीठा थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बागेश्वर धाम समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि प्रोफेसर रविकांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ‘महिला तस्कर’ बताया जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
वायरल वीडियो बना विवाद की जड़
पूरा विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ जिसमें कुछ महिलाओं को एम्बुलेंस से पकड़ा गया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं बागेश्वर धाम में रह रही थीं और अपनी पहचान छुपाकर अमर्यादित गतिविधियों में लिप्त थीं। इसी वीडियो को शेयर करते हुए प्रोफेसर रविकांत ने टिप्पणी की कि “प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित ‘गैर-जैविक छोटे भाई’ धीरेंद्र शास्त्री धर्म के नाम पर महिला तस्करी कर रहे हैं।” इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ।
नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है!
इसकी गहन जांच करवाकर दोषी पाए जाने पर धीरेन्द्र को फांसी होनी चाहिए।@1008Sanatani @narendramodi pic.twitter.com/jOKuhqElDH— Prof.Ravi Kant (@Profravikant79) July 31, 2025
धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप
बागेश्वर धाम समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर ने इस पोस्ट को गहरी आपत्ति का कारण बताया। उनका कहना है कि प्रोफेसर की इस टिप्पणी से न केवल बाबा धीरेंद्र शास्त्री की छवि को नुकसान पहुंचा है बल्कि लाखों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। इसी आधार पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 353 (2) के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
हिन्द हिंदुत्व और हिन्दुस्थान के प्रति संकल्पित-पूज्य बागेश्वर धाम सरकार pic.twitter.com/iHjSBNJYXB
— Bageshwar Dham Sarkar (Official) (@bageshwardham) August 4, 2025
बाबा धीरेंद्र शास्त्री का जवाब
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह सब एक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि “हमने देश में जातिवाद रूपी बीमारी के खिलाफ मुहिम शुरू की है जिससे कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। इसलिए वे इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”
सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प
बाबा शास्त्री ने अपने संदेश में आगे कहा कि “हम जब तक जीवित हैं हिंदू धर्म और हिंदुत्व की सेवा करते रहेंगे। हमें झूठे आरोपों से डर नहीं लगता। ये तो बस शुरुआत है आगे और क्या-क्या कहा जाएगा इसका अंदाजा हमें है। हमारी पदयात्रा की खबर ने ही कुछ लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है।” बाबा की यह प्रतिक्रिया उनके समर्थकों में एकजुटता पैदा कर रही है।


