MP News: जबलपुर जिले के खितोला थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में करोड़ों की लूट ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। लगभग 8:50 बजे पांच से छह हथियारबंद बदमाशों ने बैंक में धावा बोला और महज 15 मिनट के अंदर करीब 15 किलो 885 ग्राम सोना और करीब 5.70 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। लूटे गए सोने की अनुमानित कीमत करीब 15.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
बैंक में हुई लूट की सीसीटीवी फुटेज आई सामने
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि बदमाश हथियार दिखाकर बैंक कर्मचारियों को धमका रहे हैं। कुछ ने हेलमेट पहने हुए थे, जबकि बाकी ने मुँह पर कपड़ा बांधा हुआ था ताकि उनकी पहचान न हो सके। एक लुटेरे को बैंक के एक कर्मचारी से बंद कमरे की चाबी मांगते और बंदूक की नोक पर कमरे का ताला खोलवाते भी दिखाया गया है। बैंक में लूट से पहले बदमाशों ने कुछ देर वहां की गतिविधियों को नजरअंदाज किया। बैंक त्योहारों के कारण जल्दी खुला था और उस वक्त बैंक में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिससे बदमाशों को लूट को अंजाम देना आसान हो गया।

पुलिस ने तेज़ी से शुरू की आरोपीयों की पहचान
अतिरिक्त एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि लुटेरे तीन मोटरसाइकिलों पर आए थे और घटना के बाद अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। जैसे ही सूचना मिली, जबलपुर के DIG अतुल सिंह, SP संपत उपाध्याय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिले में कड़ा नाका लगाया गया और नजदीकी कटनी, मंडला, डिंडोरी जिलों की पुलिस को भी सतर्क किया गया। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में लगी है। सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और खासकर गृह मंत्री पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जबलपुर में महज 15 मिनट में 15 किलो सोना और 5 लाख 70 हजार रुपये की लूट हुई। इससे पता चलता है कि प्रदेश में अपराधी किस हद तक खुलेआम उत्पात मचा रहे हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री की लापरवाही के चलते मध्य प्रदेश में अपराध दस गुना तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।
बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह पूरी घटना बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। त्योहारों के समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की बजाय ढीली पड़ गई थी, जिसका फायदा बदमाशों ने उठाया। बैंक में सुरक्षा गार्ड न होना और इतनी बड़ी लूट होना बैंक प्रबंधन की भी लापरवाही को दर्शाता है। अब बैंक और पुलिस दोनों को मिलकर ऐसे कड़े कदम उठाने होंगे जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


