MP News: मध्यप्रदेश के जिला साइबर थाना की पुलिस ने नेक्स्ट ट्रेड नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लाखों लोगों से एक करोड़ से अधिक रुपये की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इन्द्रजीत डे, निवासी पांडव नगर ईस्ट दिल्ली, और अंकेश धाकड़, निवासी जगतपुर, कोलारस शिवपुरी, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि इनके खिलाफ साइबर पोर्टल पर देशभर से एक दर्जन से अधिक ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
कैसे हुआ फर्जी ऐप का जाल?
आज़मगढ़ के अशोक कुमार अग्रवाल ने कोतवाली आजमगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने फेसबुक पर नेक्स्ट ट्रेड के विज्ञापन को देखा। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल करने पर अपराधियों ने उन्हें एक फर्जी एप का लिंक भेजा और भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए राजी किया। अशोक अग्रवाल ने विश्वास करके 8.99 लाख रुपये ऐप में निवेश कर दिए। शुरुआत में ऐप में मुनाफा दिखाया गया लेकिन कुछ दिनों बाद उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई। जब उन्होंने सहायता मांगी तो मामला साइबर थाना तक पहुंच गया।

साइबर थाना की टीम ने की जांच और गिरफ्तारी
साइबर थाना की जांच में खुलासा हुआ कि इन्द्रजीत डे फिलहाल उज्जैन, मध्यप्रदेश में रहता है और अंकेश धाकड़ कोटक महिंद्रा बैंक, इंदौर में कार्यरत है। दोनों आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेशकों को फंसा कर करोड़ों की ठगी की योजना बनाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से तीन मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, और एक बैंक आईडी बरामद की है। ये सब सामग्री ठगी के सबूत के तौर पर मिली है।
साइबर धोखाधड़ी पर पुलिस का सख्त रवैया जारी
मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लोगों की ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और संदिग्ध लिंक या ऐप से बचें। इस गिरफ्तारी के बाद साइबर थाना ने पूरे प्रदेश में ऐसे फर्जी ऐप और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ सतर्कता बढ़ा दी है ताकि लोगों को नुकसान से बचाया जा सके।


