MP News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। तेंदुआ थाना क्षेत्र के अटामानपुर गांव में एक कलयुगी पिता ने शराब के नशे में अपनी ही 10 वर्षीय मासूम बेटी के साथ दरिंदगी की। यह घटना उस वक्त की है जब पीड़िता की मां मजदूरी करने गई थी और घर के अन्य बुजुर्ग सदस्य खेतों में काम कर रहे थे। आरोपी पिता, गोपाल, शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और घर के बाहर खेल रही अपनी ही मासूम बच्ची को हवस का शिकार बना डाला। इस खबर के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है।
साजिश और डराने-धमकाने का सिलसिला
घटनाक्रम के अनुसार, 25 जनवरी को जब पीड़िता अपने भाई के साथ घर के बाहर खेल रही थी, तभी आरोपी पिता ने उसे खाना देने के बहाने घर के अंदर बुलाया। मासूम बच्ची अपने पिता पर भरोसा कर जैसे ही अंदर गई, आरोपी ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपनी बेटी को जान से मारने की धमकी दी, ताकि वह किसी को इस घिनौनी करतूत के बारे में न बता सके। डर और सदमे के कारण मासूम बच्ची कई दिनों तक चुप रही और अंदर ही अंदर इस दर्द को सहती रही।

साहस और न्याय की पुकार
इतने बड़े सदमे के बाद भी मासूम ने हार नहीं मानी। घटना के कुछ समय बाद वह अपनी बुआ के साथ बैतूल चली गई और फिर वहां से अपनी मां के साथ मामा के घर पहुंची। सुरक्षित माहौल मिलते ही पीड़िता ने अपनी हिम्मत जुटाई और अपनी मां को पिता की उस हैवानियत भरी दास्तां सुनाई। मां के पैरों तले जमीन खिसक गई, लेकिन उसने बिना देर किए अपनी बेटी को न्याय दिलाने का फैसला किया। 4 फरवरी को मां और बेटी ने तेंदुआ थाने पहुंचकर आरोपी गोपाल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई।
पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
तेंदुआ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी पिता गोपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए ठोस सबूत जुटा रहे हैं ताकि समाज में एक मिसाल कायम की जा सके। यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और नशे की लत से पैदा होने वाले जघन्य अपराधों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।


